नई दिल्ली: कश्मीर में स्थिति अशांत होने के बीच एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने शुक्रवार को एरलाइंस को सलाह दी कि वे जरूरत पड़ने पर श्रीनगर हवाई अड्डे से अतिरिक्त उड़ानों के संचालन के लिए तैयार रहें. डीजीसीए की यह सलाह, भारतीय सेना की उस सूचना के कुछ ही घंटों के भीतर आयी है, जिसमें सेना ने खुफिया सूचनाओं का हवाला देते हुए कहा था कि पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं.

सेना के इस खुलासे के तुरंत बाद ही जम्मू कश्मीर प्रशासन ने सभी तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से घाटी में अपने आवास की अवधि घटाने और तुरंत घाटी छोड़ने को कहा था. घटनाक्रम से जुड़े एक सूत्र ने बताया, "डीजीसीए ने एरलाइंसों को सलाह दी है कि वे जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त उड़ानें भरने के लिए तैयार रहें."

रात करीब पौने नौ बजे श्रीनगर हवाई अड्डे पर स्थिति की जांच की गयी और उसे सामान्य पाया गया. ऐसा पाया गया कि अभी अतिरिक्त उड़ानों की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन बाद में अगर जरूरत पड़ती है तो एयरलाइंसों को सलाह दी गयी है कि वे अतिरिक्त उड़ानों के लिए तैयार रहें.

शुक्रवार की शाम को इंडिगो ने ट्विटर पर कहा था, "श्रीनगर में मौजूदा हालात और इस संबंध में सरकारी परामर्श को देखते हुए हम नौ अगस्त 2019 तक श्रीनगर को जाने वाली और वहां से आने वाली सभी उड़ानों के कार्यक्रम में बदलाव या रद्द करने के संबंध में पूर्ण शुल्क छूट उपलब्ध करा रहे हैं." घरेलू हवाई यातायात क्षेत्र में करीब 49 फीसदी की भागीदारी के साथ इंडिगो देश की प्रमुख एयरलाइन है.

उधर, विस्तारा एयरलाइन ने भी ट्वीट किया, "कश्मीर में सुरक्षा हालात के मद्देनजर हम अगले सात दिन : नौ अगस्त 2019: तक श्रीनगर को जाने वाली और वहां से आने वाली सभी उड़ानों के कार्यक्रम में बदलाव या रद्द करने के संबंध में पूर्ण शुल्क छूट उपलब्ध करा रहे हैं. अगर यात्रा तारीखों में कोई बदलाव किया जाता है तो किराये में केवल अंतर को ही लागू किया जाएगा."

एयर इंडिया ने ट्विटर पर लिखा कि जम्मू कश्मीर के हालात के मद्देनजर वह 15 अगस्त 2019 तक श्रीनगर को जाने वाली और वहां से आने वाली सभी उड़ानों के कार्यक्रम में बदलाव या रद्द करने के संबंध में पूर्ण शुल्क छूट उपलब्ध कराएगी.

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