नई दिल्ली: पाकिस्तान कहने को कुछ और करने को कुछ में माहिर है. करतापुर कॉरिडोर को लेकर इससे पहले पाकिस्तान की तरफ से कहा गया था कि दर्शन के लिए जो 20 डॉलर चार्ज लिए जाने हैं, वो पहले दिन श्रद्धालुओं से नहीं लिए जाएंगे. अब पाकिस्तान ने अपने इस बयान से यू-टर्न ले लिया है. उसने कहा है कि 9 नवंबर को भी चार्ज लिया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने अपने फैसले के बारे में भारत को बता दिया है.
इससे पहले करतारपुर गलियारे से यात्रा में पासपोर्ट की अनिवार्यता को लेकर सिविलियन और सैन्य अधिकारियों की तरफ कल ही अलग-अलग बयान आए थे. पहले ये कहा गया कि पासपोर्ट की अनिवार्यता नहीं होगी. इसके बाद वहां की सेना ने इसे खारिज कर दिया. फिर वहां के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अनिवार्यता नहीं होगी. इस तरह पहले पाकिस्तान ने कहा था कि 9 और 12 तारीख को फीस नहीं लगेगा. सरकारी सूत्रों के मुताबिक अब पाकिस्तान ने कहा कि 9 नवंबर को आने श्रद्धालुओं को भी फीस देने होगी.
पहले जत्थे में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह सहित कई नेता शामिल
बता दें कि करतारपुर जा रहे पहले जत्थे में पूर्व पीएम मनोहन सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, सूबे के कई सांसद सहित विदेशी मेहमान शामिल हैं. गुरुवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि बीजेपी सांसद सनी देओल भी पहले जत्थे में शामिल होंगे. इसके बाद ही गुरुवार को सरकार ने कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को भी करतारपुर जाने की इजाजत दे दी. उन्हें मुख्यमंत्री के साथ वाले जत्थे में शामिल होकर जाने की इजाजत दे दी गई है. आम लोगों के लिए इसे 10 नवंबर से खोला जाएगा.
यह भी देखें
