कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने अंतिम वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए आए कुल 76,176 'फॉर्म 6' आवेदनों को कई आधारों पर खारिज कर दिया है. इनमें एक ही आवेदन का दोबारा जमा होना, सत्यापन के समय आवेदक का मौजूद न होना और अन्य कारण शामिल हैं.

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16 जून को मतदाता लिस्ट को फ्रीज किया गया था. इसके बाद 23 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख थी. इस बीच  कुल 7,87,534 'फॉर्म 6' आवेदन प्राप्त हुए थे. इनमें से 7,08,110 आवेदनों को स्वीकार कर लिया गया, जबकि 76,176 को खारिज कर दिया गया. ये नए नाम 27 अक्टूबर को जारी होने वाली अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल होंगे. हालांकि, नए जुड़े नामों की यह संख्या, स्थान बदलने या अनुपस्थित होने के कारण लिस्ट से हटाए गए 80.62 लाख से अधिक नामों की तुलना में बहुत कम है.

फॉर्म 6 आवेदनों की स्थिति अभी साफ नहीं

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इसके अलावा, कम से कम 3,248 'फॉर्म 6' आवेदनों की स्थिति अभी भी साफ नहीं है, क्योंकि स्वीकार किए गए और खारिज किए गए आवेदनों को मिलाकर कुल संख्या 7,84,286 ही होती है. CEO कार्यालय ने बताया कि इस अंतर में वे आवेदन शामिल हैं, जो गलत विधानसभा क्षेत्र में जमा किए गए थे या जिनमें गलत जानकारी दी गई थी.

क्या है फॉर्म 6 ?

वोटर लिस्ट में नया नाम जुड़वाने के लिए भरे जाने वाले आवेदन फॉर्म को फॉर्म 6 कहते हैं. भारत में कोई पात्र नागरिक पहली बार वोटर बनना चाहता है या उसका नाम मतदाता सूची में नहीं है तो वह इस फॉर्म के जरिए नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकता है. फॉर्म 6 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा के लिए हैं, जो पहली बार वोटर बन रहे हैं. ऐसे लोगों के लिए फॉर्म 6 काम आता है, जो निर्धारित नियमों के अनुसार मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवाना चाहते हैं.