कर्नाटक की राजनीति में कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन को निशाना बनाकर स्टिंग ऑपरेशन किए जाने की कथित कोशिशों की जांच कराने को कहा है. 

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पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह निर्देश शिवकुमार के उस आरोप के बाद दिया गया, जिसमें उन्होंने मेटा के एआई स्मार्ट चश्मे पहने एक कारोबारी की गतिविधियों पर संदेह जताया था. उन्हें आशंका थी कि कारोबारी मुलाकात के दौरान उनकी बातचीत रिकॉर्ड करने या जासूसी करने की कोशिश कर रहा था. 

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े वर्ष 2023 के कथित स्टिंग वीडियो को लेकर भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं. उनके बेटे यतींद्र ने इसे छवि खराब करने की साजिश बताया है, जबकि जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस के भीतर कथित साजिश के आरोप लगाए हैं.

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कारोबारी की राजनीतिक चर्चा से बढ़ा शक

शिवकुमार ने एक कन्नड़ टीवी चैनल से बातचीत में बताया कि एक अधिकारी ने कारोबारी से उनकी मुलाकात तय कराई थी. कारोबारी ने व्यावसायिक चर्चा के लिए समय मांगा था, लेकिन बैठक में वह कंपनी के कामकाज के बजाय राजनीति और मतदान केंद्रों के हिसाब से चुनावी रणनीति पर बात करने लगा.

शिवकुमार के अनुसार, कारोबारी ने लैपटॉप खोलकर राजनीतिक समीकरण समझाने शुरू किए. उन्होंने कहा, “वह मुझसे चुनावी विश्लेषक की तरह बात कर रहा था.” कारोबारी के चेहरे और उसके चश्मे को देखकर उन्हें संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने उसकी और उसकी पृष्ठभूमि की जांच कराने को कहा.

शिवकुमार ने कारोबारी का नाम बताए बिना दावा किया कि उसने उनसे और केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन से मुलाकात के दौरान मेटा के स्मार्ट चश्मे पहने थे. हालांकि, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, एक केंद्रीय मंत्री और एक अन्य मंत्री से मुलाकात के दौरान उसने ऐसे चश्मे नहीं पहने थे.

मंत्रियों को सतर्क रहने की सलाह देने का दावा

शिवकुमार ने कहा कि उन्हें अपने मंत्रिमंडल के कुछ सहयोगियों को कथित स्टिंग ऑपरेशन में फंसाने की कोशिशों की भी विश्वसनीय जानकारी मिली है. उन्होंने बताया कि कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को सावधान रहने और किसी जाल में नहीं फंसने की सलाह दी थी. उनके मुताबिक, इस मामले से जुड़े दस्तावेज भी उनके पास हैं.

कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने कहा कि जरूरी कदम उठाए जा चुके हैं, लेकिन उनके बारे में सार्वजनिक रूप से जानकारी नहीं दी गई है. उन्होंने दावा किया कि उन्हें पता है कि इन कथित कोशिशों के पीछे कौन है और निजी एजेंटों को इसके लिए धन कौन मुहैया करा रहा है.

सिद्धारमैया से जुड़े 2023 के वीडियो पर विवाद

इस बीच सिद्धारमैया से जुड़े वर्ष 2023 के कथित स्टिंग वीडियो को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं. उनके बेटे यतींद्र ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि तत्कालीन पावर टीवी के प्रबंध निदेशक राकेश शेट्टी ने यह वीडियो सिद्धारमैया की छवि खराब करने के लिए तैयार किया था. उन्होंने आशंका जताई कि इसमें कांग्रेस के कुछ नेताओं की भी भूमिका हो सकती है.

राकेश शेट्टी को बेंगलुरु की एक स्थानीय अदालत से अंतरिम जमानत मिली है. यतींद्र ने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ लोग शेट्टी के संपर्क में थे. उन्होंने एक महिला कांग्रेस कार्यकर्ता का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वह 2023 के विधानसभा चुनाव में पुत्तूर सीट से पार्टी का टिकट चाहती थी.

यतींद्र ने कहा कि उनके पिता के 40 साल के सार्वजनिक जीवन में पहले कभी ऐसा विवाद नहीं हुआ था और राजनीतिक करियर के इस पड़ाव पर वह इस घटना से परेशान हैं. हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी.

कुमारस्वामी ने कांग्रेस नेतृत्व पर लगाए आरोप

जेडीएस नेता और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए सुनियोजित साजिश रची गई थी और इसमें शामिल लोगों ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को भी गुमराह किया. उन्होंने शिवकुमार को “स्टिंग किंग” भी कहा.

कुमारस्वामी ने सिद्धारमैया से मामले पर खुलकर बोलने की अपील की, ताकि अफवाहों के जरिए उनकी छवि खराब न हो. इस पर सिद्धारमैया ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें किसी के समर्थन की जरूरत नहीं है. उन्होंने जोर दिया कि जनता और पूरे राज्य के सामने सच्चाई आनी चाहिए. उन्होंने जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए निष्पक्ष जांच और कथित साजिश के पीछे शामिल लोगों की पहचान करने की मांग की.

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