BJP को बड़ा झटका, पूर्व MLA नरेंद्र बाबू कांग्रेस में शामिल, पार्टी बोली- 'उनका स्वागत'
पूर्व भाजपा विधायक और पार्टी के प्रदेश ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष एनएल नरेंद्र बाबू रविवार को भारत जोड़ो कन्वेंशन के दौरान कांग्रेस में शामिल हो गए.

पूर्व भाजपा विधायक और पार्टी के प्रदेश ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष एनएल नरेंद्र बाबू रविवार को कांग्रेस में शामिल हो गए. भारत जोड़ो कन्वेंशन में आयोजित पार्टी ज्वाइनिंग कार्यक्रम के दौरान कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने उन्हें कांग्रेस का गमछा पहनाकर पार्टी में स्वागत किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, मंत्री रामलिंगारेड्डी, गारंटी योजनाओं की क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष एचएम रेवन्ना, पूर्व मंत्री रानी सतीश, केपीसीसी मीडिया विभाग के अध्यक्ष रमेश बाबू, कांग्रेस जिला अध्यक्ष हनुमंतरायप्पा, पूर्व मेयर रमेश समेत कई नेता मौजूद रहे.
भाजपा से इस्तीफा देकर कांग्रेस में आए नरेंद्र बाबू
नरेंद्र बाबू ने शुक्रवार को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता के साथ प्रदेश ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा देने का ऐलान किया था. उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर उन नेताओं और कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया था, जिन्होंने पार्टी को मजबूत करने के लिए लंबे समय तक काम किया. नरेंद्र बाबू पिछड़े वर्ग के तिगाला समुदाय के प्रमुख नेताओं में माने जाते हैं. भाजपा छोड़ने का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा था कि वह अवसरवादी राजनीति नहीं करते.
उनके मुताबिक उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के 10 साल भाजपा को दिए, लेकिन उन्हें उचित पद और सम्मान नहीं मिला. उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें लगातार इंतजार कराया गया और पार्टी ने उन्हें तथा उनके समर्थकों को राजाजीनगर और महालक्ष्मी लेआउट में नजरअंदाज किया.
‘ऑपरेशन कमल’ में छोड़ी थी अपनी सीट
नरेंद्र बाबू ने 2019 के राजनीतिक घटनाक्रम का भी जिक्र किया था. उन्होंने कहा था कि जब कांग्रेस और जेडीएस के 17 विधायक ‘ऑपरेशन कमल’ के तहत भाजपा में शामिल हुए थे, तब उन्होंने अपनी विधानसभा सीट का त्याग किया था. पूर्व विधायक ने भाजपा में ‘पिता-पुत्र’ की राजनीति हावी होने का आरोप भी लगाया था. उनका कहना था कि पार्टी में नेतृत्व के करीबी लोगों को ही मौके मिल रहे हैं, जबकि लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने वाले नेताओं और उनके समर्थकों को उचित पहचान नहीं मिल रही.
उन्होंने भाजपा के प्रदेश नेताओं और सांसदों पर कर्नाटक से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं देने का भी आरोप लगाया था. नरेंद्र बाबू ने दावा किया था कि भाजपा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के फैसले ही अंतिम हो गए हैं.
बिना शर्त कांग्रेस में शामिल होने का फैसला
नरेंद्र बाबू ने कहा था कि उन्होंने बिना किसी शर्त के कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया है. अब रविवार को भारत जोड़ो कन्वेंशन में उनकी औपचारिक रूप से कांग्रेस में एंट्री हो गई. नरेंद्र बाबू का कांग्रेस में शामिल होना पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है. कांग्रेस 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने अहिंदा (AHINDA) सामाजिक आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है. ऐसे में तिगाला समुदाय से आने वाले नरेंद्र बाबू की एंट्री को पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
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