बेंगलुरू: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में वोटों की गिनती के बीच पल पल सियासी माहौल बदल रहा है. रुझानों बीजेपी को मिली बढ़ते बाद बाजी पलट गई और सबसे ज्यादा सीटों के बाद भी बीजेपी सरकार बनाती नजर नहीं आ रही है. कांग्रेस ने जेडीएस के साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा किया है. कांग्रेस के इस प्रस्ताव को जेडीएस ने मंजूर कर लिया है.

कर्नाटक में सरकार बनाने का कांग्रेसी फॉर्मूला कर्नाटक में कांग्रेस का सरकार बनाने का फॉर्मूला सामने आया है. इस फॉर्मूले के मुताबिक मुख्यमंत्री जेडीएस का होगा और उप मुख्यमंत्री कांग्रेस से हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल बंटवारे पर भी सबकुछ साफ हो गया है. मंत्रीमंडल में कांग्रेस 20 और जेडीएस को 14 मंत्री मिल सकते हैं.

जेडीएस ने कांग्रेस का प्रस्ताव स्वीकारा कर्नाटक में सरकार बनने की उम्मीदों के बीच सोनिया गांधी ने इस मामले में हस्तक्षेप किया. उन्होंने गुलाम नबी आजाद से बात की और फिर पार्टी ने जेडीएस से बातचीत की. बातचीत के बाद गुलाम नबी आजाद सामने आए और कहा, ''हमारी देवगौड़ा जी से फोन पर बात हुई है, उन्होंने हमारा ऑफर मंजूर किया है, उम्मीद है कि हम मिलकर सरकार बनाएंगे.''

जेडीएस के प्रवक्ता तनवीर अहमद ने इस पर कहा, ''जनता चाहती थी कि जेडीएस सरकार में रहे. कांग्रेस ने प्रस्ताव दिया है जिसे हमारे शीर्ष नेतृत्व ने स्वीकार कर लिया है.'' जेडीएस ने दावा किया है कि 18 तारीख को शपथ ग्रहण होगा.

बीजेपी में हलचल, तीन बड़े नेता बेंगलुरू रवाना कांग्रेस और जेडीएस के सरकार बनाने की खबर आते बीजेपी में हलचल मच गई. बीजेपी के तीन बड़े नेता दिल्ली से बेंगलुरू जा रहे हैं. इन नेताओं में प्रकाश जावड़ेकर, जेपी नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान शामिल हैं. बीजेपी के सीएम कैंडिडेट बीएस येदुरप्पा ने कहा है ''हम सभी संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं.''