देश में SIR को लेकर जारी तकरार के बीच कर्नाटक में कांग्रेस के मंत्री सतीश जारकीहोली के बयान से नया बवाल खड़ा हो गया है. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में SIR को लेकर कोई समस्या नहीं है. उन्होंने बताया कि जिन नामों को हटाया गया है, वे उन लोगों के थे, जिनकी मौत हो चुकी है या फिर कहीं और चले गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को जो आपत्तियां हैं, वे दूसरे राज्यों से जुड़ी हैं.
कांग्रेस के मंत्री सतीश जारकीहोली का बयान ऐसे समय में आया है, जब कांग्रेस के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन SIR में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली की तैयारी कर रही है.
इसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखी प्रतक्रिया दी है. बीजेपी के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस मंत्री सतीश जारकीहोली ने SIR का समर्थन किया है. धीरे-धीरे कांग्रेस का हर नेता SIR के मुद्दे पर राहुल गांधी की पोल खोल रहा है, क्योंकि वे जानते हैं कि SIR का विरोध करना लोकतंत्र के खिलाफ है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का रिएक्शन
कांग्रेस मंत्री सतीश जारकीहोली के बयान पर पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर रिएक्श देते हुए लिखा कि कर्नाटक में SIR प्रक्रिया ने की राजनीतिक विरोधाभासी सोच को उजागर कर दिया है. पूरे विपक्ष की तरफ से गलत तरीके से निशाना बनाए जाने के बावजूद, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश भर में वोटर लिस्ट को व्यवस्थित सत्यापन के जरिए मजबूत करने का जो प्रयास किया है, वह तारीफ के काबिल है.
कांग्रेस शासित कर्नाटक में ERO, AERO और BLO शामिल हैं. इसके बाद वेरिफिकेशन किए जाने के बाद, अंतिम वोटर लिस्ट में पहले की तुलना में लगभग 1 करोड़ मतदाताओं की कमी आई है. यह सरासर पाखंड है. उन्होंने आगे लिखा कि राहुल गांधी क्या अब आप अपनी ही सरकार के तंत्र पर गड़बड़ी का आरोप लगाएंगे या यह मानेंगे कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए मतदाता सूची का रीविजन एक वैध प्रक्रिया है?
