कर्नाटक में डीके शिवकुमार को नेता चुनने के लिए विधायक दल की बैठक बुलाई गई है. इसके लिए कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला बेंगलुरु पहुंच गए हैं, जैसे ही वह एयरपोर्ट के बाहर निकले, वहां मौजूद दलित समुदाय के नेताओं ने उन्हें ज्ञापन सौंपा कि दलित समाज के नेता पूर्व मंत्री केएच मुनियप्पा को डिप्टी सीएम बनाया जाए.

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डिप्टी सीएम पद को लेकर बवाल

हवाई अड्डे के टर्मिनल 1 पर कई घंटों तक चले इस प्रदर्शन ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि मडिगा समुदाय को कभी भी मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री या केपीसीसी अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद नहीं दिए गए हैं और उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बार समुदाय को प्रतिनिधित्व मिलना ही चाहिए.

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विधानसभा की बैठक से पहले कांग्रेस नेताओं की बैठक

उन्होंने चेतावनी दी कि उपमुख्यमंत्री पद देने से इनकार करना कांग्रेस को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचा सकता है और कहा कि अगर उनकी बात अनसुनी की गई तो समुदाय पार्टी को सबक सिखाएगा. बता दें कि ये विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहे हैं जब कांग्रेस के शीर्ष नेता, जिनमें महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला शामिल हैं, वो शहर के शांगरी ला होटल पहुंचे हैं. आज शाम विधानसभा की बैठक से पहले कांग्रेस नेताओं की एक बैठक करने की उम्मीद है.

लिंगायत समुदाय का भी दबाव

कर्नाटक कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक को लेकर एएनआई से बात करते हुए मुनियप्पा ने कहा, "कुछ लोग प्रस्ताव रख रहे हैं, कुछ उसका समर्थन कर रहे हैं. यही प्रक्रिया है और हम इससे आगे कुछ नहीं कह सकते लेकिन यह प्रक्रिया आज शाम तक पूरी हो जाएगी." 

कांग्रेस नेतृत्व पर शीर्ष पदों के लिए लिंगायत समुदाय का भी दबाव है. गुरु बसवा पट्टादेवरु और उनके समर्थकों ने वरिष्ठ नेता ईश्वर खंड्रे के लिए उपमुख्यमंत्री पद की मांग की. गुरु बसवा ने एएनआई से कहा, "अगर ईश्वर खंड्रे को उपमुख्यमंत्री का पद नहीं दिया गया, तो लिंगायत समुदाय अगले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी को सबक सिखाएगा." 

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