Karnataka Bandh: कर्नाटक में कन्नड़ समर्थक ग्रुप्स ने शनिवार (22 मार्च, 2025) को 12 घंटे के लिए राज्यव्यापी बंद का बुलाया है. बेलगावी में कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) के बस कंडक्टर पर मराठी न बोलने पर कथित तौर पर हमला किया गया था और इसी के विरोध में बंद का ऐलान किया गया है.

कंडक्टर पर कथित तौर पर मराठी में बात न करने के लिए हमला किया गया था, जिससे क्षेत्र में मौजूदा भाषाई और क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है. इसके विरोध में सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बंद की घोषणा की गई. बंद का ऐलान ऐसे समय किया गया है जब परीक्षाएं चल रही हैं, जिससे छात्रों की चिंताएं बढ़ गई हैं. कुछ शिक्षण संस्थानों ने बंक के प्रति समर्थन जताया है.

किसने किया बंद का समर्थन?

वहीं, कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) और बैंगलोर महानगर परिवहन निगम (बीएमटीसी) के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संघों ने भी बंद का समर्थन किया है और बस सर्विस बंद रखने का संकेत दिया है. इसके अलावा ओला, उबर ओनर्स एंड ड्राइवर्स एसोसिएशन के साथ-साथ कई ऑटो-रिक्शा यूनियनों ने समर्थन दिया है.

क्या-क्या रहेगा खुला?

बंद के बावजूद, कर्नाटक भर में होटल खुले रहेंगे. बैंगलोर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष पीसी राव ने पुष्टि की कि एसोसिएशन इस मुद्दे का समर्थन करता है, लेकिन होटल हमेशा की तरह काम करेंगे क्योंकि वो पब्लिक की जरूरत की सर्विस देते हैं. अस्पताल और मेडिकल सर्विस, मेट्रो सर्विस और जरूरी सामान की दुकानें हमेशा की तरह काम करेंगी. दूध सप्लाई भी बंद नहीं होगी.

इस बीच, CAMS महासचिव शशिकुमार ने कन्नड़ संगठनों से बंद की तारीख पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है. कक्षा 1 से कक्षा 9 तक के छात्र अपनी शैक्षणिक परीक्षाओं के बीच में हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अप्रत्याशित स्कूल की छुट्टी उनकी पढ़ाई को बाधित कर सकती है.

क्या है मांग?

कर्नाटक बंद के आयोजकों ने मराठी समर्थक ग्रुप्स पर प्रतिबंध लगाने सहित कई मांगें रखी हैं. संगठनों ने कर्नाटक में महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमईएस) जैसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है, उन पर हिंसा को बढ़ावा देने और सौहार्द को बिगाड़ने का आरोप लगाया है.

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