कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च को लेकर बवाल बढ़ता जा रहा है. सोमवार (20 जुलाई) को जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प के बाद प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया गया. इसी बीच 23 दिनों से धरने पर बैठे छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल भी खत्म कर दी है.
लेफ्ट विंग के छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के 3 छात्रों ने जंतर-मंतर पर अपनी 23 दिनों से जारी भूख हड़ताल की. CJP के संसद मार्च के बीच ये बड़ा फैसला लिया गया है. दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचीं बॉलीवुड एक्ट्रेस शबाना आजमी ने भूख हड़ताल पर बैठे सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके के अलावा भूख हड़ताल कर रही जेएनयू की छात्रा नेहा से भी मुलाकात की. बता दें कि शबाना आजमी ने ही नेहा की भूख हड़ताल खत्म कराई.
राजनीतिक विश्लेषक लक्ष्मण यादव ने भी एक्स पर पोस्ट कर नेहा बोरा के भूख हड़ताल खत्म करने को लेकर जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आज जंतर-मंतर पर नेहा ने सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्र-युवा साथियों और अनेक जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में अपनी 23 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त की लेकिन यह केवल अनशन का समापन नहीं था, बल्कि एक नए संकल्प की शुरुआत थी.
उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक का अनशन इस आंदोलन की प्रेरणा बना, लेकिन युवा छात्रों का अनशन इसकी धड़कन बन गया. नेहा, आमीन और मनीष ने लगातार 23 दिनों तक भूख हड़ताल कर यह साबित किया कि जब इरादे मजबूत हों, तो शरीर की सीमाएं भी संघर्ष के रास्ते में दीवार नहीं बन पातीं. उन्होंने आगे कहा कि तीन हफ़्तों से अधिक समय तक अपने शरीर को दांव पर लगाकर शिक्षा और युवाओं के भविष्य के लिए डटे रहना असाधारण साहस का परिचय है.
हम मिलकर यह लड़ाई जारी रखेंगे- नेहाजेएनयू की स्कॉलर नेहा ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 23 दिनों की भूख हड़ताल खत्म होने के साथ ही संघर्ष अब नए रूपों में जारी है. इस आंदोलन ने पूरे विपक्ष को एकजुट करने और देश को सड़कों पर उतारने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. उन्होंने कहा कि हम मिलकर यह लड़ाई जारी रखेंगे.
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