'कोई कहता है देश में 11 करोड़ मुसलमान, कोई कहता है 12 करोड़, 14 करोड़, 22 करोड़ हैं. पहले पता तो लगे कितने ब्राह्मण हैं, कितने निचली जाति से हैं, कितने सिख हैं, कितने ईसाई हैं, कितने दूसरे हैं, पता तो लगे, इसमें कोई बुराई थोड़े ही है.' जातीय जनगणना की घोषणा के बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने ये बयान दिया है. 

देश में पहली बार आजादी के बाद जातीय जनगणना होने जा रही है, यानी अब जनगणना के रजिस्टर में धर्म के साथ जाति का भी एक कॉम होगा और इस तरह सभी धर्मों का जातियों के साथ डेटा प्राप्त किया जाएगा. 2011 के बाद अब जनगणना होने जा रही है. इस बीच जानते हैं कि जम्मू-कश्मीर में कितने हिंदू और मुसलमान हैं.

आजादी से पहले कितनी थी जम्मू-कश्मीर में हिंदू-मुस्लिम आबादी?जम्मू-कश्मीर की कुल आबादी 1.25 करोड़ है, जिसमें से 68.31 प्रतिशत मुस्लिम और 28.44 प्रतिशत हिंदू हैं. आजादी से पहले यहां मुस्लिम आबादी कुल जनसंख्या की 72.41 परसेंट थी, जबकि हिंदू 25.01 प्रतिशत थे. यह आंकड़ा साल 1941 की जनगणना का है. इसके बाद मुस्लिम आबादी में धीरे-धीरे गिरावट देखी गई. हालांकि, हिंदुओं के मुकाबले मुसलमान ज्यादा ही थे.

आजादी के बाद पहली जनगणना के आंकड़े1951 में जो जनगणना हुई, उसमें मुस्लिम आबादी घटकर  68.31 परसेंट पर आ गई यानी 35.60 लाख की आबादी वाले जम्मू-कश्मीर में 24.32 लाख मुस्लिम थे और 10.13 लाख हिंदू. हिंदू कुल आबादी का सिर्फ 28.45 प्रतिशत ही थे. ठीक 50 साल बाद यानी 2011 में भले दोनों समुदायों की आबादी का आंकड़ा बदल गया हो, लेकिन हिस्सेदारी वही है जो 1951 में थी. 2011 में भी 68.31 परसेंट मुस्लिम और 28.43 परसेंट हिंदू थे. उस वक्त केंद्रशासित प्रदेश की कुल आबादी 1.25 करोड़ थी, जिसमें से 85.67 लाख मुस्लिम और 35.66 लाख हिंदू आबादी दर्ज की गई.

1961 में घट गई मुस्लिमों की जनसंख्यादस साल बाद मुसलमानों की जनसंख्या में मामूली गिरावट देखी गई तो वहीं हिंदू आबादी थोड़ी बढ़ी. 1961 की जनगणना के अनुसार मुस्लिमों की जनसंख्या 68.3 प्रतिशत हो गई और हिंदुओं की जनसंख्या 28.45 परसेंट पर पहुंच गई. 1971 में मुस्लिम 65.82 और 1981 में 64.19 फीसदी रह गए. वहीं, इन सालों में हिंदुओं की हिस्सेदारी बढ़कर 30.42 परसेंट और 32.24 परसेंट पर पहुंच गई.

1990 में जम्मू-कश्मीर में जनगणना नहीं हुई और 2001 में जो जनगणना हुई उसमें जम्मू-कश्मीर की कुल जनसंख्या में से 66.97 परसेंट मुसलमान और 29.62 परसेंट हिंदू हो गए. इन 20 सालों में फिर से मुस्लिम जनसंख्या में बढ़ोतरी हुई, जबकि हिंदू आबादी घट गई.

जम्मू-कश्मीर में पहले 14 जिले थे. 2006 में यहां आठ नए जिले बनाए गए, जिसके बाद इनकी संख्या बढ़कर 22 हो गई. 22 में से 17 मुस्लिम मेजोरिटी हैं, जिनमें से 10 कश्मीर में, 6 जम्मू डिवीजन में और एक लद्दाख में है. हिंदुओं की ज्यादातर आबादी जम्मू के चार जिलों में रहती है और लद्दाख के लेह में बौद्ध समुदाय की जनसंख्या ज्यादा है. 

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