श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में पंचायत चुनाव के पहले चरण के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी है. घाटी में सुबह दस बजे तक मात्र नौ प्रतिशत मतदान हुआ. अधिकारियों ने बताया कि 3,296 मतदान केंद्रों पर सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ और यह दोपहर दो बजे तक खत्म होगा. इसमें से 1,303 कश्मीर में और 1,993 मतदान केंद्र जम्मू में है. उन्होंने बताया कि 687 मतदान केंद्रों को "अति संवेदनशील" बताया गया है जिनमें से 491 कश्मीर मंडल में और 196 जम्मू मंडल में हैं.

एक अधिकारी ने कहा, "कुल 8.9 प्रतिशत मतदाताओं ने सुबह दस बजे तक घाटी में 283 मतदान केंद्रों पर वोट डाले." उन्होंने बताया कि घाटी के छह जिलों में 16 मंडलों में मतदान के पहले दो घंटे में 12,104 वोट डाले गए. अधिकारियों ने बताया कि इन मतदान केंद्रों पर कुल 1,35,774 मतदाता पंजीकृत हैं. उन्होंने बताया कि लद्दाख क्षेत्र के दस मंडलों में 130 मतदान केंद्र हैं. पहले दो घंटे में यहां 1,001 वोट डाले गए. इन मतदान केंद्रों में कुल 25,906 मतदाता हैं और सुबह दस बजे तक यहां 3.9 फीसदी मतदान हुआ. अधिकारियों ने बताया कि लद्दाख क्षेत्र समेत कश्मीर मंडल में कुल मतदान प्रतिशत सुबह दस बजे तक 8.1 फीसदी रहा. उन्होंने बताया कि कुल 3,296 मतदान केंद्रों पर सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ और यह दोपहर दो बजे खत्म होगा. इनमें से कश्मीर में 1,303 और जम्मू में 1,993 मतदान केंद्र हैं. अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण के मतदान में 85 सरपंच और 1,676 पंच निर्विरोध चुने गये जबकि 420 सरपंच और 1,845 पंचों के लिए मतदान चल रहा है जिसके लिए 5,585 उम्मीदवार मैदान में हैं. उन्होंने कहा कि सरपंच सीटों के लिए 4,45,059 मतदाता हैं और पंच निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 2,72,792 मतदाता हैं.

अधिकारियों ने ये भी बताया कि मतदान के सुचारू रूप से संचालन के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती समेत सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. सरकार ने उन पंचायत इलाकों में मतदान के दिन अवकाश घोषित किया है जहां चुनाव चल रहे हैं ताकि मतदाता वोट दे सकें.

नेकां, पीडीपी और माकपा ने सुप्रीम कोर्ट में संविधान के अनुच्छेद 35-ए को कानूनी चुनौती देने के कारण चुनावों का बहिष्कार किया है. उन्होंने पिछले महीने हुए नगर निकाय चुनाव का भी बहिष्कार किया था. कश्मीर घाटी में अलगाववादियों ने चुनावों का बहिष्कार करने और लोगों से शनिवार को बंद रखने का आह्वान किया है.

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