Terrorist Killed In Jammu Kashmir: अगस्त 2019 में धारा 370 हटने के बाद से कश्मीर में राजनीतिक स्थिरता तो आई है लेकिन जम्मू-कश्मीर में स्थानीय युवाओं के आतंकी समूहों में शामिल होने में कोई कमी नहीं आई है. स्थानीय आतंकियों का कैडर बढ़कर लगभग 60 प्रतिशत हो गया है. अकेले 2022 के शुरुआती चार महीनों में 28 युवक आतंकी समूहों में शामिल हुए हैं. 

सीआरपीएफ के आतंकवाद रोधी विंग के अधिकारियों के अनुसार पिछले दो सालों में जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल होने वाले स्थानीय युवाओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है. जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता की बात है. सूत्रों के अनुसार वर्तमान में लगभग 168 सक्रिय आतंकियों में 85 पाकिस्तानी आतंकी हैं.

कितनी बढ़ी है आतंकियों की संख्या ?चिंता की बात ये है कि कुल संख्या में स्थानीय और "घरेलू" आतंकवादियों की हिस्सेदारी पिछले दो सालों में तेजी से बढ़ी है. अधिकारियों ने कहा कि दक्षिण कश्मीर के जिले अभी भी आतंक का 'गढ़' बने हुए हैं क्योंकि अधिकांश स्थानीय रंगरूट इसी क्षेत्र से हैं. यह चिंता का विषय है. लेकिन इसका श्रेय सुरक्षा बलों को जाता है कि सीमा पर सक्रिय नियंत्रण और लगभग शून्य घुसपैठ के साथ स्थिति नियंत्रण में है.

क्या कहता सुरक्षाबलों का आधिकारिक आंकड़ा ?आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सीआरपीएफ, सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस जैसे सुरक्षा बलों ने इस साल कुल 75 आतंकियों को मार गिराया जिनमें 21 पाकिस्तानी आतंकी थे. 2021 में सुरक्षाबलों ने 180 आतंकवादियों का सफाया किया था. जिनमें 18 विदेशी आतंकी थे और 495 ओवर ग्राउंड वर्कर (OGWs)थे. इस साल अकेले आतंकवादी नेटवर्क की कमर तोड़ते हुए पहले चार महीनों में 87 ओजीडब्ल्यू पकड़े गए थे.

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