जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास शनिवार (17 अक्टूबर 2026) को तड़के सुबह सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई. इस कार्रवाई में दो आतंकवादी मारे गए हैं. मुठभेड़ केरन सेक्टर के जुमागुंड इलाके में हुई. घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. अधिकारियों के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 3:30 बजे जवानों को उत्तरी कश्मीर के केरन सेक्टर में कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं. जवानों ने संदिग्धों को रुकने की चुनौती दी. इसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई.
जम्मू-कश्मीर में इससे पहले 17 सितंबर 2026 को उधमपुर जिले में सुरक्षा बलों ने एक अभियान के दौरान जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया था. इस कार्रवाई में एक संदिग्ध को हिरासत में भी लिया गया था. पुलिस के मुताबिक, उस अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक AK असॉल्ट राइफल, M4 कार्बाइन, ग्लॉक पिस्तौल और 4 ग्रेनेड समेत हथियार और गोला-बारूद बरामद किए थे.
सर्दियों से पहले बढ़ जाती है निगरानी
नियंत्रण रेखा के पास सर्दियां शुरू होने से पहले सुरक्षा बल निगरानी बढ़ा देते हैं. भारी बर्फबारी के कारण पहाड़ी रास्ते और दर्रे बंद हो सकते हैं. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील इलाकों में गश्त और तलाशी अभियान तेज करती हैं, ताकि घुसपैठ की किसी भी कोशिश को रोका जा सके. फिलहाल कुपवाड़ा के जुमागुंड इलाके में सुरक्षा बलों का अभियान जारी है.
पुंछ जिले में बारूदी सुरंग विस्फोट जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास कुछ दिन पहले ही कृष्णा घाटी सेक्टर में बारूदी सुरंग विस्फोट हुआ था. इस विस्फोट में घुसपैठ की कोशिश कर रहे 4 आतंकवादी मारे गए थे. मिली जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए लगाए गए सुरक्षा इंतजामों के तहत बिछाई गई बारूदी सुरंगों में हुआ था. रिपोर्ट में मारे गए एक व्यक्ति की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के कथित कमांडर मोहम्मद फैजान के रूप में बताई गई है. इसके अलावा वकास, इश्तियाक और आसिम नाम के तीन अन्य लोगों के मारे जाने का भी दावा किया गया है.
