कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट करते हुए चुनाव आयोग के फॉर्म-6 को लेकर दिए स्पष्टीकरण पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि फॉर्म 6 पर चुनाव आयोग का हाल ही का स्पष्टीकरण शब्दों का एक और ऐसा खेल है, जिससे कुछ भी साफ नहीं होता. नुकसान की भरपाई की की हर कोशिश यह दिखाती है कि एसआईआर प्रक्रिया कितनी खराब तरीके से बनाई गई है. 

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कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि फॉर्म-6 का डिक्लेरेशन में साफ तौर पर पूछा जाता कि क्या आप पहली बार नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर रहे हैं? पहली बार आवेदन करने वाला माना जा सकता है. यह एक और भ्रामक शब्द खेल है. इसका मकसद एक त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया पर पर्दा डालना और वोटर्स से गलत घोषणा करवाना है. 

खराब समझ के साथ तैयार किया गया: जयराम रमेश

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जयराम रमेश ने आगे कहा कि वोटर्स से एक गलत डिक्लेरेशन पर साइन करवाने के बाद अब ईसीआई उन्हें कानूनी परिणामों से बचने की बात कर रहा है. वह भी घटना के बाद. इससे पता चलता है कि एसआईआर प्रक्रिया को कितनी खराब समझ के साथ तैयार किया गया है. 

इसके अलावा उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के सीईओ ने ईसीआई को पत्र लिखकर कहा है कि फॉर्म-6 का इस्तेमाल इस तरह से नहीं किया जा सकता. इस मुद्दे पर एक मामला भी चल रहा है. इसमें बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने ईसीआई के उस तर्क पर सवाल उठाए हैं, जिसके तहत अनुपस्थित और दूसरी जगह चले गए वोटर्स की लिस्ट से बाहर कर दिया गया है. 

'चुनाव आयोग असल समस्या को हल नहीं कर सकता'

जयराम रमेश ने कहा है कि चुनाव आयोग असली समस्या को हल नहीं कर सकता. एसआईआर के असल में लोगों को सूची से बाहर करने के लिए डिजाइन किया गया है. यह पहले मतदाताओं के नाम हटा देता है. फिर उनसे कहता है कि वे नए वोटर्स की तरह दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करें. नुकसान की भरपाई की कोई भी कोशिश इस खराब प्रक्रिया को ठीक नहीं कर सकती. एसआईआर को तुरंत रोका जाना चाहिए.