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इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भारत में बैठकर पाकिस्तान को दो टूक सुनाते हुए कहा कि वह पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हैं. उन्होंने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की वैश्विक नीति विकसित करने और व्यापार, बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर मंगलवार (4 नवंबर, 2025) को चर्चा की.

इजरायली विदेश मंत्री ने कहा, 'इजरायल एक अनोखी स्थिति का सामना कर रहा है, जिसे मैं आतंकवादी राज्य कहता हूं. गाजा में हमास, लेबनान में हिज्बुल्लाह और यमन में हूथी जैसे कट्टरपंथी आतंकवादी संगठनों ने पिछले दशकों में खुद को स्थापित किया है. हमारे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए इन्हें उखाड़ फेंकना जरूरी है. हमास जैसे आतंकवादी संगठन का उन्मूलन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना के केंद्र में है. हमास को निशस्त्र किया जाना चाहिए और गाजा को विसैन्यीकृत किया जाना चाहिए. हम इससे समझौता नहीं करेंगे.'

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इस दौरान भारत ने यह उम्मीद जताई कि अमेरिका की मध्यस्थता से तैयार की गई गाजा शांति योजना क्षेत्र में स्थाई शांति लाने में सहायक होगी. दोनों देश आने वाले महीनों में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की भारत यात्रा की संभावना पर भी विचार कर रहे हैं.

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार बैठक में भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMCE) पर भी चर्चा हुई, जिसके तहत क्षेत्रीय संपर्क और व्यापार को बढ़ावा देने के अवसरों की तलाश की जा रही है. डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत और इजराइल दोनों आतंकवाद की चुनौती का सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा, 'हम कठिन समय में एक साथ खड़े रहे हैं और हमारे संबंध आपसी विश्वास पर आधारित हैं. दोनों देश आतंकवाद की विशेष चुनौती का सामना कर रहे हैं.

गिदोन सार ने कहा, 'इजरायल एक क्षेत्रीय महाशक्ति और फलता-फूलता लोकतंत्र है. भारत एक वैश्विक महाशक्ति, दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है. हमारा लक्ष्य देशों के बीच एक दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी बनाना है. हम इसे पूरा करेंगे. इजरायल ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी भारत का खुले दिल से समर्थन किया था. दोनों ही देश आतंक से पीड़ित हैं. ऐसे में दोनों ही देश आतंक पर एक राय बनाते हुए नजर आते हैं.'

उन्होंने कहा, 'हमास के आतंकवादी शासन को खत्म करना राष्ट्रपति (डोनाल्ड) ट्रंप की योजना का प्रमुख हिस्सा है. हम हमास को निशस्त्र करने के लक्ष्य से पीछे नहीं हटेंगे.' डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत गाजा शांति योजना के घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखे हुए है. उन्होंने कहा, 'हम बंधकों की रिहाई और उन लोगों के अवशेषों की वापसी का स्वागत करते हैं, जिन्होंने दुर्भाग्यवश अपनी जान गंवा दी. भारत गाजा शांति योजना का समर्थन करता है और आशा करता है कि यह स्थाई समाधान की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेगी.'