कन्नूर : वर्तमान में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के साथ हुए 'विवाद' को लेकर घिरे हुए इतिहासकार इरफान हबीब ने सोमवार को कहा कि अगर सरकार चाहे तो उनका पद छीन सकती है. हबीब ने मीडिया से बात करते हुए सोमवार को कहा, "वे चाहे तो एएमयू के इतिहास विभाग के प्रोफेसर पद से मुझे निकाल सकते हैं. साथ ही सेवामुक्त करने के अलावा भी अन्य पदों से चाहे तो हटा दें."

पिछले सप्ताह कन्नूर विश्वविद्यालय में 80 वें भारतीय इतिहास कांग्रेस के उद्घाटन समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने आरोप लगया कि हबीब ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए उनके भाषण के दौरान उनके सुरक्षा सहयोगियों को एक तरफ धकेला और उनकी तरफ आने का प्रयास किया.

इतिहासकार ने कहा, "मैं 88 वर्ष का हूं और उनका एडीसी 35 वर्ष के करीब रहा होगा, मैं ऐसा कैसे कर सकता हूं. सभी देख सकते हैं कि वहां क्या हुआ और यह सभी ने देखा भी है."

इस पूरे घटना क्रम के बाद केरल के राज्यपाल के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से घटना के दौरान की एक तस्वीर पोस्ट की गई. इसके साथ लिखा गया, "श्री इरफान हबीब ने माननीय राज्यपाल के उद्घाटन भाषण को बाधित करने के साथ ही मौलाना अब्दुल कलाम आजाद के हवाले से कहने के उनके अधिकार को चुनौती देते हुए उन्हें गोडसे का उद्धरण देने को कहा. इस अनुचित स्थिति में माननीय राज्यपाल को बचाने वाले उनके एडीसी और सुरक्षा अधिकारी को उन्होंने धक्का दिया."

राज्यपाल ने प्रोटोकॉल तोड़े जाने की इस घटना को गंभीरता से लिया और केरल के मुख्य सचिव टॉम जोस को बुलाकर अपनी नाराजगी व्यक्त की. खबरों के अनुसार, वह केंद्र सरकार के समक्ष इस मुद्दे को उठाने पर विचार कर रहे हैं.

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