देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इस हफ्ते नागरिक उड्डयन नियामक यानी DGCA को अपना नया फ्लाइट शेड्यूल सौंप सकती है. दिसंबर में ऑपरेशनल संकट के बाद पायलटों के लिए उड़ान ड्यूटी समय सीमा (FDTL) नियमों में जो अस्थायी ढील दी गई थी, वह अब 10 फरवरी को खत्म होने वाली है. ऐसे में इंडिगो को सख्त नियमों के तहत यह बताना होगा कि वह रोजाना 2,000 से ज्यादा उड़ानों का मौजूदा नेटवर्क जारी रख पाएगी या नहीं.

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दिसंबर में बड़ी मात्रा में हुई थीं फ्लाइट कैंसिलदरअसल, दिसंबर 2025 में नए FDTL नियम लागू होते ही इंडिगो को पायलटों की ड्यूटी और रेस्ट से जुड़ी सीमाओं के कारण भारी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं. कई दिनों तक देशभर के एयरपोर्ट्स पर देरी और कैंसिलेशन से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी. स्थिति को संभालने के लिए DGCA ने कुछ प्रावधानों में अस्थायी राहत दी थी ताकि एयरलाइन अपना रोस्टर और शेड्यूल दोबारा व्यवस्थित कर सके.

FDTL नियमों का मकसद पायलटों की थकान कम करना हैFDTL नियमों का मकसद पायलटों की थकान कम करना और उड़ान सुरक्षा को मजबूत करना है. इन नियमों के तहत एक पायलट कितने घंटे लगातार उड़ान भर सकता है , रात की ड्यूटी कितनी होगी और सप्ताह में कितना अनिवार्य आराम मिलेगा, यह सब तय किया गया है. ढील खत्म होने के बाद इन्हीं सख्त मानकों के अनुसार ही उड़ान संचालन करना होगा.

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DGCA ने इंडिगो से FDTL के तहत मांगा नया शेड्यूलअब DGCA चाहती है कि इंडिगो एक नया शेड्यूल जमा करे जो नए FDTL नियमों के साथ पूरी तरह मेल खाता हो. अगर एयरलाइन यह बताती है कि मौजूदा संसाधनों और पायलटों की संख्या के साथ 2,000 से ज्यादा दैनिक उड़ानें चलाना संभव नहीं है तो कुछ रूट्स पर उड़ानों की संख्या घटाई जा सकती है या टाइमिंग में बदलाव हो सकता है.

यात्रियों के लिए इसका मतलब यह हो सकता है कि आने वाले दिनों में कुछ सेक्टरों पर फ्लाइट फ्रीक्वेंसी कम हो, शेड्यूल में बदलाव हो या पीक आवर्स में विकल्प सीमित हों. हालांकि इंडिगो का कहना है कि वह संचालन को स्थिर रखने और न्यूनतम असुविधा के साथ नियमों का पालन करने की कोशिश कर रही है. कुल मिलाकर इस हफ्ते DGCA को दिए जाने वाले शेड्यूल से यह साफ होगा कि FDTL नियमों की पूरी सख्ती लागू होने के बाद इंडिगो अपने विशाल नेटवर्क को किस हद तक बरकरार रख पाएगी.