नई दिल्ली ने अपने नागरिकों को एडवाइजरी जारी की है. यह एडवाइजरी ईरान से जुड़ी यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए है. भारत ने अपने नागरिकों से सोमवार को कहा है कि वे विरोध प्रदर्शनों से प्रभावित ईरान की गैर जरूरी यात्राओं से बचें. ईरान में लगातार विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है.
ईरान में विरोध प्रदर्शन की वजह वहां की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था है. इसको लेकर यहां लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. इन हालातों में देश बुरी तरह से प्रभावित है.
भारत की ओर से जारी बयान में क्या कहा गया है?
भारत के विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को भी उचित सावधानी बरतने और विरोध प्रदर्शन या धरने वाले क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सलाह दी. विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा, 'हाल के घटनाक्रम को देखते हुए, भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है.'
विदेश मंत्रालय ने कहा, 'ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों और पीआईओ (भारतीय मूल के व्यक्तियों) को उचित सावधानी बरतनी चाहिए, विरोध प्रदर्शनों या रैलियों वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए और समाचारों के साथ-साथ तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट तथा सोशल मीडिया पर भी बारीकी से नजर रखनी चाहिए.'
विदेश मंत्रालय ने ईरान में निवास वीजा पर रह रहे भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि अगर उन्होंने दूतावास में पहले से पंजीकरण नहीं करवाया है तो वे अब इस काम को पूरा कर लें.
ईरान में बिगड़ते हालात के खिलाफ प्रदर्शन
बिगड़ती आर्थिक स्थिति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगभग नौ दिन पहले तेहरान में शुरू हुए थे. अब तक 31 में से लगभग 25 प्रांतों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं जिनमें 10 से अधिक लोग मारे गए हैं. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरानी मुद्रा, रियाल के मूल्य में आई भारी गिरावट के कारण विरोध प्रदर्शन शुरू हुए.
ट्रंप ने ईरान को दी थी चेतावनी
पिछले सप्ताह, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने के खिलाफ चेतावनी दी थी. ट्रंप ने रविवार रात कहा कि अगर और प्रदर्शनकारियों की मौत हुई तो ईरान को बहुत भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.
उन्होंने कहा, 'हम इस पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं. अगर वे पहले की तरह लोगों को मारना शुरू कर देते हैं, तो मुझे लगता है कि अमेरिका की तरफ से उन्हें कड़ी सजा मिलेगी.' दरअसल, पिछले साल जून में अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए थे.