कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्रेन में एक युवक की कथित तौर पर मौत से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया है कि सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ रुपये लुटा देती है लेकिन अपने ही छात्रों को सुरक्षित सफर तक नहीं दे सकती.

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रेलवे ने उनके दावे को अफवाह करार देते हुए कहा है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित व्यक्ति की यह हालत संभवतः किसी चिकित्सकीय समस्या या थकानजनित अस्वस्थता से कारण हुई थी. राहुल गांधी ने सोमवार (15 जून, 2026) रात कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए उस दर्दनाक वीडियो का हवाला दिया, जिसमें दावा किया गया कि बिहार के पाटलिपुत्र स्टेशन पर ट्रेन में बहुत अधिक भीड़ होने के कारण एक युवक की मौत हो गई.

युवाओं और छात्रों के विषय पर बुधवार को राजस्थान के कोटा से छात्र सम्मेलन की शुरुआत करने जा रहे राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पोस्ट किया, 'इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया. ये उस भारत के लाचार युवा हैं, जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती.'

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उन्होंने दावा किया कि चुनाव के वक्त यही सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतजाम कर लेती है और परीक्षा देने जा रहे छात्रों के हिस्से में भीड़, घुटन, और बेबसी आती है. कांग्रेस नेता ने कहा, 'इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि मोदी सरकार छात्रों की गूंज सुनना ही नहीं चाहती.'

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उन्होंने कहा, 'पर मैं वादा करता हूं - हम यह आवाज उन बहरे कानों तक पहुंचाएंगे. हर छात्र को उसका हक़ मिलेगा, न्याय मिलेगा.' कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी इस वीडियो को साझा कर सरकार पर निशाना साधा.

राहुल गांधी के पोस्ट को ‘रीपोस्ट’ करते हुए रेलवे के पूर्वी मध्य जोन ने 'एक्स' पर कहा, 'उक्त घटना पाटलिपुत्र स्टेशन की नहीं है. यह भी स्पष्टतया बताना है कि किसी भी व्यक्ति की मृत्यु से संबंधित कोई भी सूचना किसी भी स्रोत से नहीं है. कृपया ऐसी कोई भी अफवाह या भ्रम नहीं फैलाएं.'

उसने कहा, 'वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की शारीरिक गतिविधियों एवं स्थिति के आधार पर प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि उक्त व्यक्ति संभवतः किसी चिकित्सकीय समस्या अथवा थकानजनित अस्वस्थता से प्रभावित हुआ है.'

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