नई दिल्ली: नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने आज दावा किया कि 2050 तक भारतीय नौसेना एक सुपर पावर होगी जिसके जंगी बेड़े में 200 युद्धपोत और 500 लड़ाकू विमान होंगे. नौसेना दिवस से ठीक एक दिन पहले नेवी चीफ सोमवार को राजधानी दिल्ली में सालाना प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे. हर साल 4 दिसम्बर को नौसेना दिवस मनाया जाता है. नौसेना दिवस 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय नौसेना द्वारा छेड़े गए ऑपरेशन-ट्राईडेंट की याद में मनाया जाता है, जब भारतीय नौसेना ने एक साथ पाकिस्तान के कराची बंदरगाह स्थित पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के हार्बर पर जबदरस्त हमला किया था.
मीडिया से बात करते हुए चीफ ऑफ नेवल स्टॉफ, एडमिरल सुनील लांबा ने कहा कि आज अगर हम पाकिस्तान से तुलना करते हैं तो हम हर क्षेत्र में बहुत आगे हैं. पाकिस्तान हमारे सामने कहीं से नहीं टिकता है. नौसेना प्रमुख ने कहा कि भले ही साउथ चायना सी में चीन का दबदबा हो लेकिन हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना का पलड़ा चीन से भारी है. चीन और पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकियों और टू फ्रंट वॉर के सवाल पर एडमिरल लांबा ने साफ किया कि भारतीय नौसेना पूरे हिंद महासागर को एक मोर्चा मानती है.
गौरतलब है कि आज ही 'ग्लोबल फॉयर पॉवर इंड़ेक्स' की रिपोर्ट में 2018 की मिलिट्री स्ट्रेंथ इंडेक्स में भारत को चौथी सबसे बड़ी सैन्य ताकत बताया गया है. भारत सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन से ही पीछे है. लेकिन भारत ने सैन्य ताकत में इंग्लैंड और फ्रांस को पीछे छोड़ दिया है. इस इंडेक्स में पाकिस्तान 17वें स्थान पर है (जबकि पिछले साल यानि 2017 में पाकिस्तान 13वें स्थान पर था).
एबीपी न्यूज के इस सवाल पर कि हाल ही में अमेरिका संसद की एक रिपोर्ट में चीन को साल 2050 तक 'वर्ल्ड क्लॉस मिलिट्री' बनने का खुलासा किया गया है, इसपर एडमिरल लांबा ने कहा कि 2050 तक भारत भी एक मिलिट्री सुपर पॉवर होगा जिसकी नौसेना में 200 यु्द्धपोत और पांच सौ फाइट जेट्स और हेलीकॉप्टर होंगे. उन्होनें बताया कि हाल ही में सरकार ने 56 नए युद्धपोत और छह पनडुब्बियों को बनाने की मंजूरी दी है. जबकि 32 युद्धपोत अलग अलग शिपयार्ड में तैयार हो रहे हैं. इसके अलावा स्कोर्पिन क्लास की दो पनडुब्बियां और स्वदेशी विमानवाहक युद्धपोत, विक्रांत का निर्माण कार्य चल रहा है.
नौसेना प्रमुख ने कहा कि इंडियन नेवी अपनी समुद्री-सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और हमारी ताकत लगातार बढ़ रही है. उन्होनें कहा कि इस साल हमारी परमाणु पनडुब्बी, आईएनएस अरिहंत अपनी पहली पैट्रोलिंग पूरी करके बंदरगाह पहुंची है. इससे भारत की परमाणु शक्ति जल, थल और आकाश में पूरी हो गई है.