UAE भारतीय दूतावास ने दिया कैप्टन स्मित से जुड़ा हेल्थ अपडेट, कहा- सेहत में सुधार....
यूएई में भारतीय दूतावास ने कैप्टन स्मित के हेल्थ से जुड़ा अपडेट जारी किया है. इसमें कहा है कि उनकी हेल्थ में सुधार हो रहा है. दूतावास ने कहा है कि बहादुर कैप्टन का इलाज जारी है.

यूएई में भारतीय दूतावास ने कैप्टन स्मित के हेल्थ से जुड़ा अपडेट जारी किया है. इसमें कहा है कि उनकी हेल्थ में सुधार हो रहा है. सोशल मीडिया एक्स पर दूतावास ने अपने बयान में लिखा है कि भारतीय बहादुर कैप्टन स्मित की बेहतरीन मेडिकल देख-रेख और इलाज चल रहा है. वे अच्छी तरह ठीक हो रहे हैं. उनकी सेहत में सुधार हो रहा है.
पोस्ट में आगे कहा गया, 'हम उनके परिवार और स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं. जल्द ठीक होने के लिए हर की मदद दे रहे हैं. कैप्टन स्मित की देखभाल के लिए हम यूएई सरकार का बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं. उनकी बेहतर हेल्थ के लिए प्रार्थना करने वाले शुभचिंतकों के साथ हम भी शामिल हैं.'
UPDATE:Indian braveheart Capt. Smit remains under excellent medical care & is recovering well. We are in touch with his family & local authorities, extending support for a speedy recovery.
— India in UAE (@IndembAbuDhabi) October 3, 2026
Our thanks to UAE gov. for their care. We join well-wishers in praying for his good health. pic.twitter.com/405dR2tfTY
इससे पहले के पोस्ट में एंबेसी ने पीएम मोदी और फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मछार के बीच से जुड़ा एक भावुक और यादगार मुलाकात का वीडियो भी जारी किया था.
क्या हुआ था 30 सितंबर को ?
30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाईबुक की फ्लाइट संख्या FZ1073 उस समय चर्चा में आ गई, जब एक भारतीय पायलट की बहादुरी की वजह से 174 यात्रियों की जान बच गई. इस पूरे घटनाक्रम के हीरो के तौर पर उभरे मछार हमलावर के वार से घायल हो गए थे. ओमानी सहायक पायलट ने हमला करते हुए, कैप्टन पर कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी से वार किया और प्लेन हाईजैक की कोशिश की. 30 सेकंड के भीतर पूरा प्लेन 1400 फीट नीचे गिर गया था, जिससे अफरा-तफरी का माहौल हो गया था.
बेहोश होने से पहले खोला कॉकपिट का दरवाजा
स्मित ने बहादुरी का परिचय देते हुए बेहोशी से पहले ही कॉकपिट का दरवाजा खोला, और विमान पर कंट्रोल कर उसे सुरक्षित लैंड कराया. इस दौरान वह लगातार हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे. यह बातें खुद स्मित ने मीडिया को बताई हैं. कुछ यात्रियों की भूमिका भी इस दौरान बड़ी अहम रही. कॉकपिट का दरवाजा खुलते ही प्लंबर और डेंटिस्ट ने भी पायलट क्रू की मदद की थी.





















