नई दिल्ली: भारतीय सेना ने अपने 'इन्फेंट्री कॉम्बेट व्हीकल्स' को रात में भी संचालित होने में सक्षम बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू की है. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीनी सेना के साथ सीमा पर तनाव बना हुआ है.

सेना ने पहले ही अपने मूल डिजाइन वाले लड़ाकू वाहन 'बीमपी-2/2के इन्फेंट्री कॉम्बेट व्हीकल्स' के विकास और आगे की आपूर्ति के लिए पात्र घरेलू कंपनियों से रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) आमंत्रित की है. वर्तमान के लड़ाकू वाहन 'बीमपी-2/2के' को वर्ष 1985 में सेना में शामिल किया गया था.

ईओआई में कहा गया कि इसकी प्रणाली 'रात के संचालन के लिए उपयुक्त नहीं है' और इसे रात में युद्ध की क्षमता के साथ विकसित किए जाने की आवश्यकता है.

LAC पर भारत ने की चेतावनी फायरिंग जानकारी के मुताबिक चीनी सेना की एलएसी में घुसपैठ रोकने के लिए भारतीय सेना वॉर्निंग फायरिंग यानी चेतावनी देने के लिए फायरिंग की है. घटना लद्दाख के पेंगोंग लेक के दक्षिण की है. चीनी सेना की वेस्टर्न कमांड ने आरोप लगाया है कि भारतीय सेना ने गश्त कर रही चीनी सैनिकों की टुकड़ी पर फायरिंग की है. इसके जवाब में चीनी सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की है. लेकिन भारतीय सेना के सूत्रों ने साफ कहा है कि भारत ने सिर्फ एलएसी में घुसपैठ रोकने के लिए चेतावनी देने के लिए फायरिंग की.

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