Jammu Kashmir: देश के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में इन दिनों कड़ाके की ठंड है. घने कोहरे और भीषण सर्दी की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में नियंत्रण रेखा से सटे सुदूर गांवों में बर्फबारी और ठंड से लोगों का बुरा हाल है. ऐसे हाल में भी यहां भारतीय सेना (Indian Army) के जवान देश की रक्षा करने के साथ-साथ आम जनता का भी खास ख्याल रख रही है.

बारामूला जिले (Baramulla District) के बोनियार तहसील के चोतवाली गांव में एक गर्भवती महिला मीमा बेगम को अस्पताल पहुंचाने में मदद की.

जब देवदूत बनी भारतीय सेनासेना के जवानों ने गर्भवती महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र (PHC) तक पहुंचाने के लिए कड़ाके की ठंड के बारे में भी नहीं सोचा. सैन्य कर्मियों ने गर्भवती महिला को अपने कंधों पर लादकर अस्पताल तक पहुंचाया. इलाके में भारी बर्फबारी की वजह से सड़के जाम हो चुकी है. वहीं, रोड पर वाहनों की आवाजाही भी कम दिख रही है. खासकर पहाड़ी क्षेत्र के सुदूर इलाकों में अगर कोई व्यक्ति बीमार हो जाए तो उसे अस्पताल तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण काम होता है. 

सेना सदैव आम जनता के साथइससे पहले भारतीय सेना ने उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा में एक गर्भवती महिला को चारपाई में डालकर अस्पताल पहुंचाया था. जहां महिला ने एक स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया था. रिमोट एरिया में सबसे बड़ी चिंता का विषय यह होता है कि समय पर सब कुछ उपलब्ध नहीं होने से परेशानी और भी अधिक बढ़ जाती है लेकिन सेना के जवान विकट परिस्थतियों में भी लोगों के साथ खड़ी नजर आती है.

जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठंडजम्मू-कश्मीर में चिल्ला-ए-कलां 21 दिसंबर से शुरू हुआ था जो 30 जनवरी को खत्म होगा. वहीं घाटी के अन्य इलाकों का भी हाल बुरा है. श्रीनगर डल झील की बात करें तो यहां पर्यटक घूमने और बर्फबारी का मजा लेने तो आ रहे हैं लेकिन कड़ाके की सर्दी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. यहां तापमान शून्य से काफी नीचे चला गया है. झील का पानी जम चुका है. जानकारी के मुताबिक पर्यटकों के लिए यह  बेहद रोमांचक नजारा होता है. 

सेना के जज्बे को सलामजम्मू-कश्मीर के बेरहम मौसम में भारतीय सेना के जवान अपनी परवाह किए बगैर स्थानीय लोगों की सुरक्षा करती है. ठंड के दिनों में यहां रहना लोगों की लिए चुनौतीपूर्ण होता है. वहीं, एक गर्भवती महिला को  मौमस की विपरित परिस्थितियों में अस्पताल पहुंचाकर उन्हें राहत प्रदान करना एक सराहनीय कदम है. 

पहाड़ी और मैदानी इलाकों में ठंड से बुरा हालमैदानी इलाकों की बात करें तो हालात यहां भी अच्छे नहीं है. आज दिल्ली में घने कोहरे की वजह से सुबह पांच बजे विजिबिलिटी काफी कम थी. सड़क पर वाहन काफी धीमी गति से चल रहे थे. घने कोहरे और ठंड ने इस वक्त लोगों की जिंदगी को स्लो कर दिया है. हालांकि अभी ठंड और पड़ने वाली है. जानकारी के मुताबिक लोगों को ठंड फिलहाल राहत मिलने की संभावना कम है. 

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