13 जनवरी 2026 को भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को साफ चेतावनी दी है कि भारत में आने वाले ड्रोन घुसपैठ को तुरंत रोकें. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशंस प्रमुख को DGMO की साप्ताहिक बैठक में कहा गया है कि ऐसे ड्रोन हमले 'अस्वीकार्य' हैं और उन्हें 'कंट्रोल' करना होगा. जनरल द्विवेदी ने हिंदी में कहा, 'लगाम लगाइए'.
भारतीय सेना की एक्टिविटी पर नजर रख रहा पाकिस्तान
भारतीय सेना की सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनरल द्विवेदी ने बताया कि हाल के दिनों में पाकिस्तान से आने वाले छोटे-छोटे ड्रोन दिखे हैं, जो रोशनी के साथ उड़ते हैं और बहुत ऊंचाई पर नहीं जाते. ये ड्रोन 'डिफेंसिव' लगते हैं, जिनका मकसद यह देखना था कि भारतीय सेना कितनी तैयार है या कहीं कोई कमजोरी या गैप तो नहीं जहां से आतंकवादी भेजे जा सकें.
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि पाकिस्तान को नेगेटिव रिस्पॉन्स मिला होगा. उन्होंने देख लिया होगा कि आज कोई ऐसी जगह या गैप नहीं है जहां से वे आतंकवादी भेज सकें.'
पाकिस्तान की घुसपैठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी
जनरल द्विवेदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति संवेदनशील है, लेकिन पूरी तरह कंट्रोल में है. भारतीय सेना ने पाकिस्तान को साफ कहा कि ऐसी ड्रोन घुसपैठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी. DGMO बैठक में यह मुद्दा उठाया गया और पाकिस्तान से कंट्रोल करने को कहा गया. यह चेतावनी हाल की ड्रोन गतिविधियों के बाद आई है, जो बॉर्डर पर तनाव बढ़ा सकती है. भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी घुसपैठ को रोकने के लिए तैयार है.
ड्रोन दिखने की घटनाएं कब और कहां हुईं?
- ये ड्रोन 12 जनवरी 2026 को रात 10 बजे राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक थर्मल पावर प्लांट के ऊपर दिखे. करीब एक घंटे तक आसमान में चक्कर काटते रहे. पुलिस जांच कर रही है, क्योंकि बिना परमिशन के ड्रोन उड़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित है.
- 11 जनवरी 2026 को देर रात जम्मू-कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास नौशेरा-राजौरी सेक्टर में दिखे थे. भारतीय सेना ने काउंटर-ड्रोन सिस्टम इस्तेमाल किए और उन्हें वापस भेज दिया. इसके बाद सांभा जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई.
इसके अलावा 10 जनवरी को भी करीब 6 ड्रोन दिखाई दिए थे.