'दुनिया के मैप में रहना चाहता है या इतिहास में...', पाकिस्तान को सेना प्रमुख की दो टूक, आसिम मुनीर की उड़ जाएगी नींद!
General Upendra Dwivedi On Terrorism: ‘सेना संवाद’ कार्यक्रम में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है.

General Upendra Dwivedi On Terrorism: भारत के सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को आतंकवाद को लेकर कड़ी चेतावनी दी है. शनिवार को आयोजित ‘सेना संवाद’ कार्यक्रम में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के खिलाफ गतिविधियां जारी रखता है, तो उसे तय करना होगा कि वह भूगोल और इतिहास का हिस्सा बने रहना चाहता है या नहीं.
यह कार्यक्रम ‘यूनिफॉर्म अनवील्ड’ संस्था द्वारा आयोजित एक सिविल-मिलिट्री संवाद था. इस दौरान जनरल द्विवेदी से पूछा गया कि अगर भविष्य में फिर वैसी परिस्थितियां बनती हैं, जैसी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बनी थीं, तो भारतीय सेना की क्या प्रतिक्रिया होगी. इस सवाल के जवाब में सेना प्रमुख ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है.
VIDEO | Delhi: "... If Pakistan continues to harbour terrorists and operate against India, then they have to decide, whether they want to be part of geography and history or not," says Army Chief General Upendra Dwivedi, at Sena Samvad, a civil-military interaction.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 16, 2026
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ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के बीच आया बयान
जनरल द्विवेदी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में भारत और उसकी सशस्त्र सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मनाई है. इस सैन्य अभियान के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे. इन कार्रवाईयों में कई आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया था.
पाकिस्तान ने किया था जवाबी हमला
भारतीय कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की ओर से जवाबी हमले किए गए थे. इसके जवाब में भारत ने भी उसी सैन्य अभियान के तहत पलटवार किया था. दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच यह सैन्य तनाव करीब 88 घंटे तक चला था. बाद में 10 मई की शाम दोनों देशों के बीच आपसी समझ बनने के बाद संघर्ष विराम लागू हुआ और हालात सामान्य होने लगे. सेना प्रमुख के बयान को आतंकवाद के खिलाफ भारत के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है. उन्होंने साफ संकेत दिया कि भारत अब सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा.

























