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भारत-अमेरिका के बीच फाइनल स्टेज पर ट्रेड डील! भारतीय टीम इस तारीख को जाएगी US, जानें कब लगेगी मुहर

India-US Trade Deal: वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे ऐतिहासिक और संतुलित समझौता बताया है, जिससे भारतीय निर्यात, एमएसएमई, किसान और युवाओं को बड़े अवसर मिलेंगे.

India-US Trade Deal: वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव और भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन अगले हफ्ते अमेरिका जाने वाले हैं. उनका मकसद 7 फरवरी को भारत और अमेरिका के बीच जो संयुक्त बयान जारी हुआ था, उसके आधार पर अंतरिम व्यापार समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देना है. यह जानकारी सोमवार को वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने दी.

उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका भारत से जाने वाले सामान पर लगाए गए 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की तैयारी में है. उम्मीद है कि यह कटौती इसी हफ्ते हो सकती है.

संयुक्त बयान को कानूनी समझौते में बदला जा रहा

राजेश अग्रवाल ने कहा कि 7 फरवरी को जो संयुक्त बयान जारी हुआ था, वह दरअसल उस फ्रेमवर्क डील का हिस्सा है जिस पर भारत और अमेरिका के बीच सहमति बनी थी. उस बयान में समझौते की रूपरेखा तय कर दी गई थी. अब उसी रूपरेखा को एक पक्का कानूनी समझौता बनाया जा रहा है, जिस पर दोनों देश साइन करेंगे. फिलहाल दोनों तरफ से इस कानूनी दस्तावेज को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है.

उन्होंने यह भी बताया कि अगले हफ्ते मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन अपनी टीम के साथ अमेरिका जाएंगे, ताकि समझौते के कानूनी मसौदे को फाइनल किया जा सके. कोशिश है कि मार्च तक यह पूरा काम निपटा कर समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए जाएं. हालांकि उन्होंने कोई पक्की तारीख नहीं बताई, क्योंकि अभी कुछ कानूनी मुद्दों को सुलझाना बाकी है.

राजेश अग्रवाल ने बताया कि 27 अगस्त से भारतीय सामान पर जो 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया था, वह अब हटा लिया गया है. यह टैरिफ रूस से कच्चा तेल खरीदने की वजह से दंड के तौर पर लगाया गया था. अब दूसरे 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की बात चल रही है. इस पर उन्होंने कहा कि प्रक्रिया जारी है और उम्मीद है कि यह फैसला इसी हफ्ते हो जाएगा. अगर किसी वजह से देरी होती है, तो अगले हफ्ते भारतीय टीम अमेरिका में होगी और वहां जाकर बात साफ की जाएगी कि देर क्यों हो रही है.

जीरो टैरिफ और बाजार तक पहुंच समझौते के बाद ही लागू होगी

राजेश अग्रवाल ने साफ कहा कि कुछ सामान ऐसे हैं जिन पर रेसिप्रोकल टैरिफ को पूरी तरह खत्म यानी जीरो किया जा सकता है. लेकिन यह तभी लागू होगा जब दोनों देशों के बीच कानूनी समझौते पर साइन हो जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि भारत की तरफ से भी टैरिफ में कोई कटौती, बाजार में ज्यादा पहुंच या किसी तरह की रियायत तभी दी जाएगी, जब समझौता आधिकारिक रूप से साइन हो जाएगा.

7 फरवरी को आया था बड़ा संयुक्त बयान

7 फरवरी को भारत और अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के काफी करीब पहुंच गए थे. उसी दिन जारी संयुक्त बयान में कहा गया था कि अमेरिकी टैरिफ भारतीय सामान पर 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाएंगे. साथ ही कुछ चुनिंदा उत्पादों पर जीरो ड्यूटी, बाजार खोलने के कदम और दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने की बात कही गई थी. यह समझौता करीब एक साल चली लंबी बातचीत के बाद संभव हो पाया.

पीयूष गोयल ने बताया ऐतिहासिक कदम

7 फरवरी को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे ऐतिहासिक और संतुलित समझौता बताया था. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार में भारतीय निर्यात के लिए नए दरवाजे खुलेंगे. इससे हमारे छोटे और मझोले उद्योग, किसान, मछुआरे, युवा, महिलाएं और देश के हुनरमंद लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा.

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