दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 को हुए कार धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में बड़ा दावा सामने आया है. रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (AQIS) को इस हमले के लिए जिम्मेदार बताया गया है. हालांकि, इस मामले में भारत की जांच एजेंसी NIA पहले ही हमले को अल-कायदा से जुड़े अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) मॉड्यूल से जोड़ चुकी है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अल-कायदा और ISIS से जुड़े मामलों पर काम करने वाली मॉनिटरिंग टीम समय-समय पर आतंकवादी संगठनों की एक्टिविटी पर रिपोर्ट जारी करती है. UN के रिकॉर्ड के मुताबिक इसकी पिछली रिपोर्ट 4 फरवरी 2026 को जारी हुई थी.
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लाल किले के पास कैसे हुआ था धमाका?
दिल्ली में लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को एक कार में जोरदार धमाका हुआ था. इस घटना में 11 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए. जांच में कार को चलाने वाले डॉ. उमर उन नबी को मुख्य संदिग्ध बताया गया, जिसकी धमाके में मौत हो गई थी. NIA की जांच में सामने आया कि इस मामले में आरोपी एक अल-कायदा से जुड़े नेटवर्क और उसके स्थानीय मॉड्यूल से जुड़े थे. मई 2026 में NIA ने मामले में 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी.
AQIS को लेकर UN रिपोर्ट में क्या कहा गया?
रिपोर्ट के अनुसार AQIS अब केवल एक बड़े संगठन की तरह काम करने के बजाय छोटे और अलग-अलग समूहों के जरिए अपनी गतिविधियां चलाने की कोशिश कर रहा है. संगठन अपने संपर्क, पैसे और दूसरी जरूरी मदद के लिए अलग-अलग नेटवर्क तैयार कर रहा है. रिपोर्ट में बांग्लादेश को लेकर भी चिंता जताई गई है. इसमें कहा गया है कि AQIS वहां अपने छोटे समूह बनाने और अपनी गतिविधियों को बढ़ाने की कोशिश कर सकता है.
पहले JeM का भी आया था नाम
लाल किले के धमाके को लेकर पहले सामने आई संयुक्त राष्ट्र की 37वीं रिपोर्ट में एक सदस्य देश की ओर से जैश-ए-मोहम्मद (JeM) को भी इस हमले से जोड़ने की जानकारी दी गई थी. इसलिए इस मामले में अलग-अलग जांच और खुफिया आकलनों के बीच अंतर भी देखने को मिला है. दूसरी ओर, भारत की NIA की जांच ने हमले को अल-कायदा से जुड़े AGuH नेटवर्क से जोड़ा है.
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