संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कॉर्मिशियल जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर कड़ी चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना, आम चालक दल की जान को खतरे में डालना और समुद्री रास्तों की आजादी में रुकावट पैदा करना पूरी तरह अस्वीकार्य है.

Continues below advertisement

हरीश ने यह बयान संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद की विशेष बैठक में दिया. यह बैठक ऊर्जा और आपूर्ति व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर आयोजित की गई थी. उनका बयान ओमान के तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक व्यापारिक जहाज पर हुए हमले के कुछ दिनों बाद आया है.

ओमान के अधिकारियों ने जहाज पर मौजूद सभी 14 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया था. हालांकि हमला किसने किया, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है. यह जहाज सोमालिया से आ रहा था. पर्वतनेनी हरीश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपने विचार साझा किए. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से ऊर्जा और उर्वरक संकट पैदा हो गया है. इस स्थिति से निपटने के लिए दुनिया के देशों को मिलकर काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सिर्फ तुरंत उठाए जाने वाले कदम ही नहीं, बल्कि लंबे समय के समाधान भी जरूरी हैं.

Continues below advertisement

ये भी पढ़ें: भारी बारिश और तूफान... IMD ने 15 राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट, जानें दिल्ली और यूपी-बिहार का मौसम

पी. हरीश ने दोबारा दिया होर्मुज पर बयान

पर्वतनेनी हरीश ने दोबारा कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिजनेस जहाजों को निशाना बनाना और समुद्री मार्गों में बाधा डालना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है. भारत का मानना है कि समुद्री सुरक्षा और सुरक्षित आवागमन से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नियमों का पूरी तरह पालन होना चाहिए. 13 मई को भारतीय झडे वाले जहाज पर हमला उस समय हुआ, जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पहले से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी. यह समुद्री मार्ग ओमान के पास स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण रूट है. दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है.

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध हालात खराब

पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से जारी युद्ध के बाद हालात और खराब हो गए हैं. इस संघर्ष में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की. इसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया. भारत पहले भी इन हमलों को अस्वीकार्य बता चुका है. रिपोर्ट के अनुसार संघर्ष शुरू होने के बाद भारतीय ध्वज वाले कम से कम दो अन्य जहाजों पर भी हमले हो चुके हैं.

ये भी पढ़ें: NEET Paper Leak: टेलीग्राम का इस्तेमाल, नासिक में कोचिंग क्लास वालों से पूछताछ... NEET पेपर लीक में CBI की रडार पर कौन?