भारत की स्वदेशी एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) प्रणाली Netra को Final Operational Clearance (FOC) मिल गया है. डीआरडीओ द्वारा विकसित यह अत्याधुनिक प्रणाली भारतीय वायुसेना की निगरानी और हवाई युद्ध क्षमता को नई मजबूती देगी. Operation Sindoor के दौरान Netra ने अपनी परिचालन क्षमता सफलतापूर्वक साबित की थी, जिसके बाद इसके अंतिम प्रमाणन का रास्ता साफ हुआ. यह प्रणाली लंबी दूरी तक हवाई गतिविधियों की निगरानी, दुश्मन के विमानों और मिसाइलों का समय रहते पता लगाने तथा लड़ाकू विमानों को रियल-टाइम दिशा-निर्देश देने में सक्षम है. FOC मिलना भारत की रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारीं?
डीआरडीओ के सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स (CABS) की वैज्ञानिक एवं निदेशक के. राजलक्ष्मी मेनन ने इस उपलब्धि को भारत, भारतीय वायुसेना और हर भारतीय के सपने से जोड़ा. उन्होंने कहा, 'यह भारत का गौरव, भारतीय वायुसेना का अनमोल रत्न और हर भारतीय का सपना है. भारतीय वायुसेना की स्वदेशी AEW&C प्रणाली हासिल करने की कोशिश को 1983 में उस समय आंशिक मंजूरी मिली थी, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री ने डीआरडीओ के तहत 'एयरोस्पेस सर्विलांस मॉनिटरिंग एंड कंट्रोल' प्रोजेक्ट ऑफिस बनाने की अनुमति दी. इसका कार्यालय बेंगलुरु में स्थापित किया गया, जबकि मुख्यालय दिल्ली में था. AEW&C से जुड़े सभी शुरुआती अध्ययन 'प्रोजेक्ट गार्जियन' के तहत किए गए. वैज्ञानिकों और वायुसेना अधिकारियों की एक छोटी टीम ने इस चुनौती को स्वीकार किया और HS-748 एव्रो विमान पर एयरबोर्न सर्विलांस प्लेटफॉर्म का डिजाइन और विकास किया.'
कैसे काम करता है NETRA
Netra AEW&C प्रणाली भारतीय वायुसेना के लिए आसमान में उड़ने वाली ऐसी 'आंख' मानी जाती है, जो दुश्मन की गतिविधियों पर लंबी दूरी से नजर रखने, हवाई खतरों का समय रहते पता लगाने और युद्ध के दौरान कमांड एवं कंट्रोल क्षमताओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है.
NETRA भारतीय वायुसेना के लिए एक फोर्स मल्टीप्लायर है. यह लंबी दूरी तक रडार कवरेज बढ़ाने, हवाई क्षेत्र की निगरानी करने, दुश्मन की गतिविधियों का समय रहते पता लगाने और रियल-टाइम में लड़ाकू विमानों को दिशा देने की क्षमता रखता है. आधुनिक युद्ध में ऐसी प्रणालियां निर्णायक भूमिका निभाती हैं क्योंकि वे आसमान में उड़ते हुए कमांड और कंट्रोल सेंटर की तरह काम करती हैं.
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि Operation Sindoor के दौरान सफल प्रदर्शन और अब Final Operational Clearance मिलने के बाद NETRA भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक की सबसे बड़ी सफलताओं में शामिल हो जाएगा. यह उपलब्धि न केवल भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता को नई मजबूती देगी, बल्कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी बड़ा बल प्रदान करेगी.
