मिडिल ईस्ट संकट के बीच बीते कुछ दिनों से ओमान तट पर उन जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है, जिस पर भारतीय नाविक होते हैं. भारत के विदेश मंत्रालय ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए हमले की निंदा की. विदेश मंत्रालय ने इसे चिंताजनक बताते हुए कहा कि तुरंत ऐसे हमले बंद हों. इस हफ्ते की शुरुआत में ओमान तट पर अमेरिकी सेना ने एक जहाज पर हमला किया था, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मोत हो गई, जिन्हें पहले लापता बताया गया था.

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भारत की शिकायत पर ध्यान देगा US: रणधीर जायसवाल

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'पिछले कुछ दिनों में पश्चिम एशिया में भारतीय नाविकों से जुड़ी कई घटनाएं हुई हैं. हम अपने नाविक समुदाय की भलाई और सुरक्षा को बहुत महत्व देते हैं. कल हमने ओमान के तट पर हुए जहाज पर हमले की कड़ी निंदा की, जिसमें दुर्भाग्यवश हमने तीन भारतीय नागरिकों को खो दिया. हमने अमेरिकी CDA को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था. हमें उम्मीद है कि अमेरिका हमारी इस शिकायत पर ध्यान देगा.'

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भारत ने इन हमलों को क्षेत्र में फैले जंग का परिणाम बताया. विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हम बातचीत और कूटनीति का भी आह्वान करते हैं ताकि इलाके में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता लौट सके.' शिपिंग मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने बताया कि सोमवार (8 जून 2026) से अब तक भारतीय नाविकों को ले जा रहे तीन जहाजों पर हमले हुए हैं.

भारतीय नाविकों वाले जहाजों को बनाया गया निशाना

सरकार के अनुसार, सोमवार को मारिवेक्स नामक जहाज में आग लगने की सूचना मिली थी. जहाज पर सवार सभी 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया. इसके बाद बुधवार (10 जून 2026) को एमटी सेट्टेबेलो नामक जहाज पर हमला हुआ, जिसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे. इनमें से 3 भारतीय नाविकों की जान चली गई, जबकि 21 को सुरक्षित निकाल लिया गया. गुरुवार (11 जून 2026) को हुए हमले में एमटी जलवीर को निशाना बनाया गया. जहाज पर सवार सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं.

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