भारतीय वायुसेना (IAF) का LCA तेजस फाइटर जेट ट्रेनी उड़ान के बाद लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह घटना इसी साल 7 फरवरी की है. पाकिस्तान बॉर्डर पर एक फॉरवर्ड एयरबेस पर यह हादसा हुआ है. राहत की बात ये रही कि इस घटना में पायलट ने खुद को इजेक्ट कर लिया था और सुरक्षित रूप से बाहर निकल आया था. हालांकि, फाइटर जेट का ढांचा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया.

Continues below advertisement

लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार

यह हादसा संभवत: गुजरात के नलिया में हुआ था. सूत्रों के मुताबिक यह घटना इसी महीने के शुरुआत की है, जब फाइटर जेट नियमित ट्रेनिंग उड़ान के बाद लैंडिंग कर रहा था. शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा गई है, जिसमें विमान के सिस्टम में कोई गड़बड़ी शामिल है. विमान के ढांचे को गंभीर क्षति पहुंची है और संभवतः उसे पूरी तरह से बेकार घोषित कर दिया गया है.

Continues below advertisement

तेजस बेड़े की जांच के आदेश

हालांकि, भारतीय वायु सेना ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. इस घटना के बाद, भारतीय वायुसेना ने पूरे तेजस बेड़े की जांच का आदेश दिया है ताकि किसी भी तकनीकी समस्या की पहचान की जा सके. बता दें कि तेजस एमके-1ए प्रोग्राम में देरी के बीच यह हादसा हुआ. भारतीय वायुसेना ने 180 एमके1ए लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया है, इसके बावजूद डिलीवरी में लगभग दो साल देरी से चल रही है. 

तीसरी बड़ी घटनाहाल के वर्षों में तीसरी बड़ी तेजस दुर्घटना है. मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में पहला तेजस क्रैश हुआ था, जिसमें पायलट ने खुद को इजेक्ट कर लिया था. वहीं दूसरी घटना 2025 में दुबई एयरशो के दौरान हुई थी, जिसमें तेजस फाइटर जेट क्रैश हुआ था. इस हादसे में पायलट की जान भी चली गई थी. इस हादसे की जांच अभी भी जारी है.