भारत ने मंगलवार (12 मई) को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान चीन के पाकिस्तान को मदद देने संबंधी खबरें पहले से ज्ञात तथ्यों की पुष्टि करती हैं. इसके साथ ही, उसने यह भी कहा कि जो देश खुद को जिम्मेदार मानते हैं, उन्हें विचार करना चाहिए कि आतंकवादी ढांचे की रक्षा के प्रयासों का समर्थन करने से उनके रुख और अंतरराष्ट्रीय साख पर क्या प्रभाव पड़ता है? भारत की यह टिप्पणी ऐसे वक्त आई है जब चीन ने पुष्टि की है कि उसने भारत के साथ चार दिनों के सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को तकनीकी सहायता प्रदान की थी.

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बारे में पूछे गए एक सवाल पर कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पहलगाम में हुए आतंकवादी हमलों के जवाब में एक सटीक, लक्षित और सुनियोजित कार्रवाई थी.

जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘हमने ये खबरें देखी हैं जो पहले से ज्ञात बातों की पुष्टि करती हैं. ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम में हुए आतंकवादी हमलों के जवाब में एक सटीक, लक्षित और सुनियोजित कार्रवाई थी, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान से संचालित और उसके इशारे पर काम कर रहे सरकार-प्रायोजित आतंकवादी ढांचे को नष्ट करना था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जो देश खुद को जिम्मेदार मानते हैं, उन्हें इस पर विचार करना चाहिए कि आतंकवादी ढांचे की रक्षा के प्रयासों का समर्थन करना उनकी अंतरराष्ट्रीय साख पर असर डालता है या नहीं.

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संघर्ष में पाकिस्तान के साथ था चीन

चीनी सरकारी मीडिया की खबरों के अनुसार, पिछले सप्ताह चीन ने पहली बार इस बात की पुष्टि की कि उसने भारत के साथ चार दिनों के सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को तकनीकी सहायता प्रदान की थी.चीन के सरकारी प्रसारक ‘सीसीटीवी’ ने चीन के विमानन उद्योग निगम (एवीआईसी) के चेंगदू विमान डिजाइन और अनुसंधान संस्थान के इंजीनियर झांग हेंग का साक्षात्कार प्रसारित किया. एवीआईसी चीन के उन्नत लड़ाकू विमान और मानवरहित हवाई वाहन डिजाइन के प्रमुख विकासकर्ताओं में से एक है.

'समुद्रों से गहरा रिश्ता’ बयान फिर चर्चा में

हांगकांग स्थित ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने सीसीटीवी के हवाले से कहा कि झांग ने पिछले साल मई में चार दिन के सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को तकनीकी सहायता प्रदान की थी. पाकिस्तान की वायुसेना चीन निर्मित जे-10सीई लड़ाकू विमानों का बेड़ा संचालित करती है, जिनका उत्पादन एवीआईसी की एक सहायक कंपनी द्वारा किया जाता है. भारतीय सेना के उप प्रमुख (रणनीति) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने सात मई को पाकिस्तान और चीन के बीच ‘तालमेल’’ की बात कही.

उन्होंने एक प्रेस वार्ता में कहा था, ‘‘तथ्य यह है कि पाकिस्तान और चीन के बीच, उनके शब्दों में, ऐसा रिश्ता है जो समुद्रों से भी गहरा और पहाड़ों से भी ऊंचा है. यह एक स्थापित तथ्य है. यह भी एक तथ्य है कि पाकिस्तान के लगभग 80 प्रतिशत सैन्य उपकरण चीनी मूल के हैं.’’ पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पिछले साल सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ढांचे के ठिकानों पर हवाई हमले किए गए, जिसमें कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए.

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