विदेश मंत्रालय ने एक वायरल सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर फेक न्यूज़ अलर्ट जारी किया है. इस पोस्ट में दावा किया जा रहा था कि अमेरिका ने भारत से ईरान पर हमला करने के लिए उसकी जमीन इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी है. यह दावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तेजी से फैल रहा था. इसमें कहा गया था कि अमेरिका, LEMOA समझौते के तहत भारत के पश्चिमी हिस्से का इस्तेमाल सैन्य कार्रवाई के लिए करना चाहता है और कोंकण तट के पास अपनी सैन्य तैनाती की योजना बना रहा है.
विदेश मंत्रालय ने इन सभी बातों को पूरी तरह गलत बताया है. मंत्रालय ने साफ कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है और लोगों को इस तरह की झूठी और बेबुनियाद खबरों से सावधान रहना चाहिए. Logistics Exchange Memorandum of Agreement (LEMOA) एक समझौता है, जो 2016 में भारत और अमेरिका के बीच हुआ था. इस समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे की सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे ईंधन भरना, मरम्मत कराना या आराम करना, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई देश दूसरे देश की जमीन से सीधे हमला कर सकता है. हर बार अलग से अनुमति लेनी होती है और वह भी सीमित कामों के लिए होती है.
दुनिया के कई देशों के बीच LEMOA जैसे समझौते
इस तरह के समझौते दुनिया के कई देशों के बीच होते हैं. जैसे NATO या अन्य रक्षा समझौते, जिनमें एक देश दूसरे देश की जमीन का इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन यह पूरी तरह उस देश की अनुमति और नियमों पर निर्भर करता है. उदाहरण के तौर पर, पहले अमेरिका ने खाड़ी युद्ध के दौरान सऊदी अरब और कुवैत के ठिकानों का इस्तेमाल किया था, और इराक युद्ध के समय तुर्किए के एक बेस का उपयोग किया था. भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर फैल रही यह खबर पूरी तरह झूठी है और इसका कोई आधार नहीं है.
