India Energy Week 2025: भारत के पास एनर्जी से कैसे आएगा पैसा, एक्सपर्ट्स ने समझाया
India Energy Week 2025: इंडिया एनर्जी वीक में किफायती ऊर्जा की चर्चा को लेकर केयर्न ऑयल एंड गैस के सीएफओ हितेश वैद ने कहा कि निजी निवेश तभी आएगा जब उस निवेश पर अच्छा रिटर्न सुनिश्चित हो.

India Energy Week 2025 : इंडिया एनर्जी वीक 2025 के दूसरे दिन, नवीकरणीय ऊर्जा और वित्त विशेषज्ञों ने इस बात पर सहमति जताई कि ऊर्जा की किफायती कीमतें तेजी से एनर्जी ट्रांजीशन की प्रमुख प्रेरक शक्ति हैं. पैनल ने जोर देकर कहा कि यह किफायत उन वित्तीय शर्तों पर निर्भर करती है, जो निवेश पर आकर्षक रिटर्न प्रदान कर सकें.
ब्रिजिंग द एनर्जी ट्रांजिशन’स इन्वेस्टमेंट गैप्स
इस सेशन में केयर्न ऑयल एंड गैस के सीएफओ हितेश वैद, सोसायटी जनरल बैंक के मुख्य कार्यकारी और मुख्य देश अधिकारी कतन हिराचंद, पूर्व एमएनआरई सचिव भुपिंदर सिंह भल्ला और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सेंटर फॉर एनर्जी एंड मैटेरियल्स के प्रमुख रॉबर्टो बोक्का शामिल थे. जिसमे हितेश वैद ने सरकार और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि निजी निवेश तभी आएगा जब निवेश पर अच्छा रिटर्न सुनिश्चित हो. उन्होंने यह भी बताया कि निवेश वहीं होता है जहां दक्षता और अवसर एक साथ हों और शहरी व ग्रामीण ऊर्जा मांगों के अनुसार बाजार खंडों की आवश्यकता पर बल दिया.
वहीं कटन हिराचंद ने पूंजी के विभिन्न रूपों को जुटाने के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि भारत के पास स्थानीय और विदेशी निवेश तक गहरी पहुंच है, लेकिन परियोजनाओं के मानकों को ऊंचा उठाने की आवश्यकता है. उन्होंने एनर्जी ट्राइलेमा सुरक्षा, स्थिरता और किफायत का उल्लेख करते हुए कहा कि किफायत का गहरा संबंध पूंजी संरचनाओं से है.
कथनी और करनी दोनों में आगे बढ़ रहा देश
पैनल में शामिल भुपिंदर सिंह भल्ला ने कहा कि उपभोक्ता हित भारत की ऊर्जा नीतियों के केंद्र में है. उन्होंने भारत की नवीकरणीय ऊर्जा प्रतिबद्धता पर विश्वास जताते हुए कहा कि देश कथनी और करनी दोनों में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने 2030 तक 50 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन के लक्ष्य और लगभग 20,000 करोड़ रुपये के बजट वाले राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन का उल्लेख किया. उन्होंने यह भी कहा कि नीति ढांचे ऐसे होने चाहिए, जो बाजार के खिलाड़ियों को पारदर्शिता और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के साथ कार्य करने में सक्षम बनाएं.
रोजगार के मिलेंगे अवसर
रॉबर्टो बोक्का ने कहा कि ऊर्जा संक्रमण की रणनीतियों को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी वैश्विक स्तर पर काफी प्रभावी रही है, लेकिन समाधान प्रत्येक देश की विशिष्ट चुनौतियों के अनुसार होने चाहिए. उन्होंने न्यूनतम प्रशासनिक देरी के साथ परियोजनाओं की तेजी से तैनाती के लिए भारत की प्रशंसा की और इसे उदाहरणीय बताया. उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा दक्षता में उभरती प्रौद्योगिकियां न केवल स्थिरता को बढ़ावा देंगी बल्कि महत्वपूर्ण रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेंगी.
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Source: IOCL



























