भारत पहुंचते ही बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने एस जयशंकर से कहा- शेख हसीना को लौटाओ, इंडिया ने क्या दिया जवाब?
India-Bangladesh Relations: भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में सुधार की दिशा में नई पहल शुरू हुई है, जब बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान भारत दौरे पर पहुंचे.

भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में बीते साल तनाव चरम पर पहुंचने के बाद अब बांग्लादेश संबंध सुधारने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है. इसी कड़ी में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान अपने पहले विदेश दौरे पर भारत पहुंचे हैं और उन्होंने कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की.
बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने बुधवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित कई अधिकारियों से मुलाकात की. ढाका की ओर से जारी बयान के अनुसार, रहमान ने जयशंकर के साथ बैठक में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल के प्रत्यर्पण का अनुरोध दोहराया. हालांकि भारत ने इस अनुरोध पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
बांग्लादेश की नई विदेश नीति का जिक्र
बयान के अनुसार, रहमान ने कहा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) सरकार "बांग्लादेश प्रथम" के सिद्धांत पर अपनी विदेश नीति चलाएगी. यह नीति पारस्परिक विश्वास, सम्मान और पारस्परिक लाभ पर आधारित होगी. रहमान ने छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों को पकड़ने के लिए भारत सरकार का आभार भी जताया.
भारत के बयान में शेख हसीना का जिक्र नहीं
बांग्लादेशी बयान में कहा गया कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि गिरफ्तार व्यक्तियों को दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि के तहत प्रक्रिया के अनुसार बांग्लादेश को सौंपा जाएगा. हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में शेख हसीना और हादी के मुद्दों का कोई उल्लेख नहीं किया गया.
भारत में रह रही हैं शेख हसीना
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद और देश दोनों छोड़ना पड़ा था. इसके बाद से वह नई दिल्ली में रह रही हैं. बांग्लादेश में शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा मृत्युदंड दिया जा चुका है. बांग्लादेश पहले भी शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर चुका है. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार ने भी भारत से यह अनुरोध किया था, लेकिन भारत ने इसे स्वीकार नहीं किया.
अब भारत और बांग्लादेश ने इस बात पर सहमति जताई है कि शेख हसीना का मुद्दा दोनों देशों के संबंधों पर असर नहीं डालेगा. सूत्रों के अनुसार, एस जयशंकर और खलीलुर रहमान दोनों का मानना है कि शेख हसीना का भारत में रहना द्विपक्षीय संबंधों में बाधा नहीं बनना चाहिए. दोनों पक्षों ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के समय के तनाव को पीछे छोड़ते हुए सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर विस्तार से चर्चा की.
तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे रहमान
इससे पहले खलीलुर रहमान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर के साथ मंगलवार को तीन दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे थे. बांग्लादेश में संसदीय चुनावों के बाद फरवरी में बीएनपी के सत्ता में आने के बाद यह किसी वरिष्ठ सदस्य की पहली उच्च स्तरीय भारत यात्रा है. रहमान ने जयशंकर के अलावा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और एनएसए अजित डोभाल से भी मुलाकात की.
भारत ने क्या कहा
एस जयशंकर ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के विभिन्न उपायों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ और दोनों पक्षों ने संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई. वहीं विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि भारत नई सरकार के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है. भारतीय पक्ष ने बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल को यह भी आश्वासन दिया कि आने वाले हफ्तों में बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा प्रक्रिया, खासकर चिकित्सा और व्यापारिक वीजा, को और आसान बनाया जाएगा.
Source: IOCL


























