प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के लाल किले से देश को संबोधित करते हुए नक्सलवाद को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद कमजोर हुआ है, लेकिन वैचारिक या दिमागी नक्सली अब भी मौजूद हैं और ऐसे तत्व अवसर की तलाश में रहते हैं.

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पीएम मोदी ने कहा कि देश को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है, जो समाज में असंतोष, अशांति और हिंसा का माहौल बनाने की कोशिश करते हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी मानसिकता रखने वाले लोगों को समय रहते पहचानकर अलग-थलग किया जाए.

जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

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पीएम मोदी के बयान पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि पहले प्रधानमंत्री अपने विरोधियों के लिए अर्बन नक्सल शब्द का इस्तेमाल करते थे और अब दिमागी नक्सल शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं. जयराम रमेश ने इसे प्रधानमंत्री की निराशा का संकेत बताया. उन्होंने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री की राजनीतिक शैली पर भी टिप्पणी की और कहा कि जिन लोगों को तथाकथित अर्बन नक्सल या दिमागी नक्सल कहा जा रहा है, सरकार कई बार उन्हीं मांगों या मुद्दों पर आगे बढ़ती दिखाई देती है.

कांग्रेस नेता जयराम रमेश का बयान

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, "दो-तीन साल पहले पीएम मोदी अपने राजनीतिक विरोधियों को  अर्बन नक्सल कहा था. तब संसद में ये पूछा गया कि अर्बन नक्सल की परिभाषा क्या है? गृह मंत्री से जवाब आता है कि अर्बन नक्सल कोई चीज नहीं है, कोई परिभाषा नहीं है. आज प्रधानमंत्री लाल किले से दिमागी नक्सल की भाषा, अपने राजनीतिक विरोधियों को लेकर इस्तेमाल करते हैं. बात ये है, हकीकत ये है कि जो मुद्दा 'अर्बन नक्सल' उठाते हैं, जो प्रधानमंत्री की सोच में 'अर्बन नक्सल' हैं, जो मांग वे करते हैं, उसे वे स्वीकार करते हैं. 

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