नई दिल्ली: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज बतौर एक तेज-तर्रार महिला नेता और सोशल मीडिया के जरिए आम लोगों की मदद के लिए भी जानी जाती हैं. इसका सबूत है उनका ट्विटर अकांउट है, जहां वो ना सिर्फ अपनी बात रखती हैं, बल्कि फरियाद करने वालों की हर संभव मदद भी करती हैं. जब से वो विदेश मंत्री मंत्री बनी हैं, तब से उन्होंने इसे एक नया चेहरा बख्शा है. उनकी इसी छवि के कारण देश से लेकर विदेश तक रहने वाले लोग ट्वीट कर मदद मांगते हैं. लेकिन इस बार शांत रहने वाली सुषमा स्वराज को गुस्सा आ गया. हुआ यूं कि आईटी में काम करने वाले एक शख्स ने सुषमा को ट्वीट किया, ''मेरी पत्नी झांसी में रेलवे कर्मचारी है और मैं पुणे में काम करता हूं. हम दोनों सालों से अलग हैं क्या आप इस वनवास को खत्म कर सकती हैं?''
इस पर सुषमा स्वराज को गुस्सा आ गया और उन्होंने सुमित नाम के शख्स को रिप्लाई देते हुए कहा कि अगर मैं होती तो तुरंत सस्पेंड कर देती.
इतना ही नहीं उन्होंने इसके बाबत रेलमंत्री सुरेश प्रभु को भी ट्वीट किया. जिसका जवाब देते हुए सुरेश प्रभु ने मामले की जानकारी के लिए सुषमा स्वराज को धन्यवाद दिया और कहा कि वह ट्रांस्फर से जुड़े मामले नहीं देखते हैं.