Hyderabad Flyover: ABP न्यूज की रिपोर्ट का दिखा असर! जिंदगी से खिलवाड़ होते देख हैदरबाद GHMC ने इस मामले पर लिया एक्शन
Hyderabad Flyover: हैदराबाद के संतोष नगर स्टील फ्लाईओवर निर्माण में सुरक्षा लापरवाही उजागर होने के बाद GHMC ने तुरंत कार्रवाई की है. इसके बाद मजदूरों को हेलमेट और हार्नेस दिए गए.

हैदराबाद के संतोष नगर में बन रहे स्टील फ्लाईओवर पर सुरक्षा मानकों की गंभीर लापरवाही उजागर होने के बाद ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) ने तुरंत कदम उठा लिया है. ABP न्यूज की रिपोर्ट आने के बाद GHMC ने निर्माण एजेंसी के सभी मजदूरों को हेलमेट, सेफ्टी हार्नेस और अन्य सुरक्षा उपकरण मुहैया करा दिए हैं. सेफ्टी इंजीनियर सहदेव रत्नाकर ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि मजदूरों और नीचे से गुजर रहे आम लोगों दोनों की सुरक्षा के लिए पूरी व्यवस्था की जाएगी और लापरवाही करने वाली एजेंसी पर पेनल्टी लगाई जाएगी.
रत्नाकर ने ABP न्यूज को जवाब देते हुए बताया कि स्टेजिंग का काम रोजाना रात के समय ट्रैफिक बंद करने के बाद ही किया जाता है, लेकिन कल दिन के समय कम ट्रैफिक होने की वजह से यह काम बिना संबंधित सुपरवाइजर को सूचना दिए कर लिया गया. उन्होंने कहा, 'हमने सेफ्टी इंजीनियर को सख्त निर्देश दे दिए हैं. अब हर काम पर करीबी निगरानी रखी जाएगी और जरूरी सावधानियां बरती जाएंगी.' साथ ही उन्होंने जोड़ा कि एजेंसी को सुरक्षा में चूक के लिए चेतावनी दे दी गई है और जल्द ही उस पर पेनल्टी भी जारी की जाएगी.
रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
रिपोर्ट में पहले बताया गया था कि भारी आयरन गर्डर और स्टील के समान ऊंचाई पर सिर्फ पतली रस्सियों से बंधी हुई थी. कोई सुरक्षा जाल नहीं लगा था, हेलमेट और हार्नेस का इस्तेमाल नहीं हो रहा था और सड़क पर चेतावनी बोर्ड तक नहीं थे. स्थानीय निवासी रामू ने कहा था कि बच्चे स्कूल जाते हैं, महिलाएं ऑफिस जाती हैं, अगर ऊपर से कुछ गिर गया तो क्या होगा. अब GHMC की इस कार्रवाई से इलाके के लोगों को थोड़ी राहत मिली है. यह 2.5 किलोमीटर लंबा चांचलगुड़ा-संतोष नगर फ्लाईओवर GHMC का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है. चार साल की देरी के बाद अब जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. पूरा होने पर मलकपेट, सैदाबाद और संतोष नगर के ट्रैफिक जाम में काफी कमी आएगी. लेकिन फिलहाल निर्माण के दौरान ट्रैफिक डायवर्शन जारी है.
मजदूरों को उपकरण मिल गए
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई पर स्टील का काम करते समय प्रोटेक्टिव नेट, बारिकेडिंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट अनिवार्य है. GHMC ने अब इन सभी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का वादा किया है. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माण स्थल का नियमित निरीक्षण हो और कोई भी लापरवाही दोबारा न हो. GHMC का यह रुख एक साफ संदेश है कि जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी. अब देखना होगा कि ये वादे कितने अमल में आते हैं और संतोष नगर का यह निर्माण स्थल वाकई सुरक्षित बन पाता है या नहीं. फिलहाल मजदूरों को उपकरण मिल गए हैं और निगरानी बढ़ा दी गई है.
Source: IOCL

























