एक्सप्लोरर

Xप्लेन: दिल्ली का मेगा एयर-मैनेजमेंट, ब्रिक्स सम्मेलन के लिए 35 VVIP उड़ानों की खास तैयारी कैसे की गई

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान 35 विशेष विमानों का यह प्रबंधन इस बात का प्रमाण है कि भारत किसी भी बड़े और जटिल आयोजन को बेहद कम समय में और शानदार तरीके से संभाल सकता है.

नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ने भारत के सामने एक बहुत बड़ी कूटनीतिक और प्रशासनिक चुनौती पेश की. इस वैश्विक आयोजन में शामिल होने के लिए दुनिया भर के बड़े नेता, उनके प्रतिनिधि और सुरक्षा दल करीब 35 विशेष विमानों से दिल्ली पहुंचे. इन वीवीआईपी मेहमानों के आगमन, उनके विमानों की पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था को संभालना अपने आप में एक ऐतिहासिक कार्य था. सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इन खास मेहमानों की आवाजाही के दौरान आम नागरिकों की दैनिक उड़ानों (कमर्शियल फ्लाइट्स) पर कोई बुरा असर न पड़े.

कई एयरपोर्ट्स और एजेंसियों का तालमेल

इस विशाल व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए केवल इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट या पालम एयरफोर्स स्टेशन का ही इस्तेमाल नहीं किया गया, बल्कि नोएडा, सफदरजंग, हिंडन और कुछ अन्य हवाई अड्डों को भी विमानों की सुरक्षित पार्किंग के लिए तैयार किया गया था. इस पूरे अभियान को सफल बनाने में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), भारतीय वायु सेना, नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और खुफिया एजेंसियों ने मिलकर बेहतरीन तालमेल दिखाया.

आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 70 से 75 प्रतिशत देशों ने अपने एक-एक विशेष विमान का इस्तेमाल किया, जबकि 10 से 15 प्रतिशत देशों ने दो विमान उतारे. बाकी मेहमान नियमित कमर्शियल उड़ानों के जरिए दिल्ली पहुंचे.

वीवीआईपी सुरक्षा और कड़े प्रोटोकॉल

साधारण यात्रियों की तरह वीवीआईपी मेहमानों की जांच या आवाजाही टर्मिनल बिल्डिंग से नहीं होती. मंत्रियों और वरिष्ठ मेहमानों के लिए अलग से सेरेमोनियल सुविधाओं का उपयोग किया गया, जबकि शीर्ष स्तर के नेताओं का स्वागत सीधे पालम के तकनीकी क्षेत्र में किया गया. इससे सभी प्रतिनिधि बिना किसी परेशानी के सीधे सुरक्षित काफिले में सवार होकर आगे बढ़ सके.

सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए काफिले के बाहर निकलने के रास्तों को पूरी तरह गोपनीय और अप्रत्याशित रखा गया. कई गाड़ियों और वैकल्पिक रास्तों को तैयार रखा गया ताकि अंतिम समय में सही फैसला लिया जा सके. इसके अलावा, जमीन पर विमानों की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ ने ब्यूरो ऑफ सिविल विमानन सुरक्षा (BCAS) के नियमों का सख्ती से पालन किया, जिसमें विमानों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की दो बार जांच करना भी शामिल था ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या खतरे को पूरी तरह टाला जा सके.

आसमान में नियंत्रण और एयरस्पेस मैनेजमेंट

दिल्ली के आसमान को संभालना इस पूरी योजना का सबसे नाजुक हिस्सा था. आम तौर पर किसी वीवीआईपी दौरे के समय आसमान को 3 से 4 मिनट के लिए नियंत्रित किया जाता है, लेकिन इस बार कई वैश्विक नेताओं के एक साथ आने के कारण इन पाबंदियों के समय को बढ़ाया गया और बहुत सावधानी से शेड्यूल तैयार किया गया.

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में गैर-अनुसूचित उड़ानों पर कड़ी पाबंदियां लगा दीं. हालांकि, आम लोगों की कमर्शियल फ्लाइट्स अपने तय समय पर चलती रहीं, लेकिन उनकी टाइमिंग में 10 से 15 मिनट का मामूली बदलाव किया गया ताकि वे वीवीआईपी उड़ानों के रास्ते में न आएं. इसके अलावा, सुरक्षा कारणों से ड्रोन, हल्के विमानों और पैराग्लाइडर जैसी चीजों की उड़ान पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी.

आम यात्रियों को कम से कम असुविधा

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि इस बड़े आयोजन से आम यात्रियों को कोई परेशानी न हो. यदि किसी विमान के आने में थोड़ी भी देरी होती या ट्रैफिक अधिक होता, तो कमर्शियल उड़ानों को कुछ देर के लिए हवा में होल्ड किया जाता या नजदीकी एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया जाता. हालांकि, बेहतरीन प्लानिंग के कारण यात्रियों को किसी बड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा.

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान 35 विशेष विमानों का यह प्रबंधन इस बात का प्रमाण है कि भारत किसी भी बड़े और जटिल आयोजन को बेहद कम समय में और शानदार तरीके से संभाल सकता है. कड़ी सुरक्षा, आधुनिक एयरस्पेस मैनेजमेंट और अलग-अलग एयरपोर्ट्स के बेहतरीन इस्तेमाल ने यह साबित कर दिया कि भारत दुनिया के सबसे बड़े कूटनीतिक सम्मेलनों को बिना किसी रुकावट के सफलतापूर्वक आयोजित करने में पूरी तरह सक्षम है.

संकल्प ठाकुर पिछले 10 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत न्यूज़ 24 से की, इसके बाद न्यूज़ नेशन में कार्य किया. वर्तमान में वह एबीपी हिंदी डिजिटल में डिप्टी प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले सात वर्षों से संस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. उन्हें खेल, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और चुनावी राजनीति से जुड़ी खबरों की गहरी समझ है. इसके अलावा साहित्य, कला और संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता का क्षेत्र है. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

अब SSR: EC ने मानी राहुल गांधी की बात? बदल दिए नियम, कांग्रेस बोली- 'इससे गुनाह...'
अब SSR: EC ने मानी राहुल गांधी की बात? बदल दिए नियम, कांग्रेस बोली- 'इससे गुनाह...'
इमरान खान Vs आतिश अली तासीर: दोनों के मामले कैसे अलग, क्या हैं OCI का नियम
इमरान खान Vs आतिश अली तासीर: दोनों के मामले कैसे अलग, क्या हैं OCI का नियम
Explained: भारत में गरीबी घटी, मुश्किलें क्यों नहीं? 23 करोड़ के पास घर, टॉयलेट और पानी तक नहीं
भारत में गरीबी घटी, मुश्किलें क्यों नहीं? 23 करोड़ के पास घर, टॉयलेट और पानी तक नहीं
परविंदर सिंह हत्याकांड में पंजाब सरकार से जवाब मांगेगा गृहमंत्रालय, अमित शाह बोले- 'हमारा...'
परविंदर सिंह हत्याकांड में पंजाब सरकार से जवाब मांगेगा गृहमंत्रालय, अमित शाह बोले- 'हमारा...'
Advertisement

वीडियोज

लखनऊ में मौत की पटकथा...नेपाल में 'गुप्त लीला' !
SC में सुनवाई का सार..'क्या 'तमाशा' बना रखा है ?'
तो सत्ता परिवर्तन का प्लान-बांग्लादेश का क्यों बखान!
Jagadhatri:😮Jagadhatri मिशन के लिए तैयार, Shivay ने घर की देवी को सम्मान देकर भेजा मैदान में! #sbs
Bollywood News: कॉफ़ी विद करण का धमाकेदार आगाज, सलमान खान के बेबाक अंदाज ने शो पर लगाया तड़का! (15.10.26)
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अब SSR: EC ने मानी राहुल गांधी की बात? बदल दिए नियम, कांग्रेस बोली- 'इससे गुनाह...'
अब SSR: EC ने मानी राहुल गांधी की बात? बदल दिए नियम, कांग्रेस बोली- 'इससे गुनाह...'
BJP का गठबंधन कमजोर करने में जुटे राजभर? सहयोगी पार्टी के कई नेताओं को कराया शामिल
BJP का गठबंधन कमजोर करने में जुटे राजभर? सहयोगी पार्टी के कई नेताओं को कराया शामिल
Lehra Do Tiranga March Live: AISF और AIYF का तिरंगा मार्च दोपहर 1 बजे, CJP 5 बजे करेगी प्रोटेस्ट
Live: AISF और AIYF का तिरंगा मार्च दोपहर 1 बजे, CJP 5 बजे करेगी प्रोटेस्ट
सिर्फ वनडे खेलने के लिए BCCI से कितना पैसा लेते हैं रोहित और विराट?
सिर्फ वनडे खेलने के लिए BCCI से कितना पैसा लेते हैं रोहित और विराट?
इमरान खान के 'लीव इंडिया' नोटिस पर किरण राव का तीखा तंज- 'वाह, अब मुंबई पुलिस?'
इमरान खान को मिले देश छोड़ने के नोटिस पर भड़की आमिर ख़ान की एक्स वाइफ
पंजाब में एक और हत्या! नशा बेचने से रोकने पर हमला, बिक्रमजीत सिंह की मौत
पंजाब में एक और हत्या! नशा बेचने से रोकने पर हमला, बिक्रमजीत सिंह की मौत
CJI सूर्यकांत पर बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, संजय राउत से मांगा स्पष्टीकरण
CJI सूर्यकांत पर बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, संजय राउत से मांगा स्पष्टीकरण
स्टोन-पेपर-सिजर में छोटी बच्ची से बार-बार हारा आर्मी वाला, वीडियो वायरल
स्टोन-पेपर-सिजर में छोटी बच्ची से बार-बार हारा आर्मी वाला, वीडियो वायरल
Embed widget