नई दिल्ली: आयुष मंत्रालय की तरफ से जारी एडवायजरी लोगों के निशाने पर आ गई है. मंत्रालय ने रहस्मयी कोरोना वायरस से बचाव की सलाह दी है. प्रेस इंफोर्मेशन ब्यूरो के ट्वीटर पर जारी प्रेस रिलीज में इस बारे में विस्तार से बताया गया है. जिसमें आयुर्वेदिक उपायों के अलावा होमियोपैथी पद्धति को भी अपनाने की सलाह दी गई है. होमियोपैथी में 'आरसेनिकम अलबम 30' नाम की दवा खाली पेट में तीन दिन रोजाना लेने को कहा गया है.

मंत्रालय की तरफ से सुझाव आने के बाद सोशल मीडिया पर डॉक्टर सोमैय्या शेख ने लिखा, “मंत्रालय की सलाह पर मैंने यूनानी दवाइयों के प्रमाण के लिए रिसर्च किया. लेकिन किसी भी दवा में वायरल इंफेक्शन के प्रभाव कम करने का कोई लक्ष्ण नहीं मिला. इसी तरह होमियोपैथी में भी इस बात का कोई सबूत नहीं मिला कि इस पद्धति से इलाज किया जा सकता है.”

दूसरे ट्वीटर यूजर डॉ सुकुमार मेहता ने जानना चाहा कि क्या कोई होमियोपैथी या यूनानी मेडिसिन के छात्र ने अपने सिलेबस में कभी माइक्रोबॉयलोजी पढ़ी है ?"

एक अन्य ट्वीटर यूजर ने पीआईबी इंडिया को मोदी सरकार के पद चिह्नों पर चलनेवाला बताया.

कोरोना वायरस से दुनिया क्यों है चिंतित

पिछले महीने चीन में फैला कोरोना वयरस का कहर जारी है. इसकी चपेट में आकर 170 लोगों की जान जा चुकी है. जबकि हजारों लोग संक्रमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती हैं. महामारी का रूप धारण करने से पहले ही कई देश अपने अपने नागरिकों के लिए सलाह जारी कर चुके हैं. कई देशों ने चीन के लिए अपनी उड़ाने रद्द कर दी हैं. भारत में भी संक्रमण से बचाव के लिए कई लोगों को निगरानी में रखा गया है. इस बीच आयुष मंत्रालय ने यूनानी पद्धति से कोरोना वायरस से बचाव की सलाह दी है.

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