नई दिल्ली: तेल कंपनियों ने सोमवार को लगातार 16वें दिन पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ा दिये है. पेट्रोल के दाम में सोमवार को 33पैसे और डीजल के दाम में 58 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है. इस वृद्धि के बाद खुदरा दाम रिकार्ड ऊंचाई पर जा पहुंचा है.
ताजा दामों में वढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल का दाम 79.23 रुपये से बढ़कर 79.56 रुपये और डीजल का दाम 78.27 रुपये से बढ़कर 78.55 रुपये प्रति लीटर पर जा पहुंचे है. तेल विपणन कंपनियों की जारी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है.
लगातार 16 दिनों से दामों में बढ़ोतरी हुई है
तेल कंपनियां देशभर में एक साथ दाम बढ़ाती है लेकिन राज्यों में इन पर अलग दर से लगने वाले बिक्री कर मूल्य वर्धित कर (वैट) की वजह से खुदरा दाम अलग अलग होते हैं. पिछले 16 दिनों से दोनों ईंधनों के खुदरा दाम में लगातार बढ़ोतरी की गई है. इस दौरान पेट्रोल के दाम कुल मिलाकर 8.30 रुपये और डीजल के दाम में 9.46 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है.
अप्रैल 2002 में पेट्रोल, डीजल के दाम नियंत्रणमुक्त किये जाने के बाद किसी एक पखवाड़े में यह सबसे बड़ी बढ़ोतरी है. तेल कंपनियों ने अप्रैल 2002 में पेट्रोल, डीजल के दाम में हर पखवाड़े बदलाव करने की शुरुआत की थी. ये दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार चढ़ाव के अनुरूप किये जाते हैं. उसके बाद से किसी एक पखवाड़े में इनके दाम में यह सबसे बड़ी वृद्धि हुई है.
2017 से कंपनियों ने दामों में दैनिक बदलाव करने की शुरुआत
कंपनियों ने मई 2017 से पेट्रोल, डीजल के दाम में दैनिक बदलाव की शुरुआत की. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इससे पहले किसी एक पखवाड़े में सबसे ज्यादा चार से पांच रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हुआ है. लेकिन इस बार बीते पखवाड़े में पेट्रोल के दाम 8.30 रुपये और डीजल के दाम में 9.46 रुपये प्रति लीअर तक वृद्धि हो चुकी है.
कोरोना वायरस और उसके चलते लागू किये गये लॉकडाउन के दौरान 82 दिनों तक तेल कंपनियों ने पेट्रोल, डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया था. उसके बाद 7 जून से दाम में उनकी अंतरराष्ट्रीय लागत के अनुरूप बदलाव किया जाने लगे. इसके बाद पिछले लगातार 16 दिन से दाम बढ़ने का सिलसिला जारी है. इस वृद्धि से डीजल के दाम जहां नई ऊंचाई पर पहुंच गये हैं वहीं पेट्रोल के दाम भी दो साल की ऊंचाई पर पहुंच चुके हैं.
साल 2018 में डीजल का दाम 75.60 जा पहुंचा था
मौजूदा वृद्धि से पहले 16 अक्टूबर 2018 को डीजल का दाम दिल्ली में 75.69 रुपये प्रति लीटर की ऊंचाई को छू चुका है वहीं पेट्रोल के दाम इससे पहले 4 अक्टूबर 2018 को 84 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुके हैं. पेट्रोल के मौजूदा दाम में करीब दो तिहाई हिस्सा विभिन्न करों का शामिल है. पेट्रोल के दाम में 32.98 रुपये केन्द्रीय उत्पाद शुल्क और 17.71 रुपये प्रति लीटर स्थानीय कर अथवा वैट शामिल है.
इसी प्रकार डीजल के दाम में 63 प्रतिशत से अधिक करों का हिस्सा है. इसमें 31.83 रुपये प्रति लीटर केन्द्रीय उत्पाद शुल्क और 17.60 रुपये प्रति लीटर वैट का हिस्सा है. सरकार ने जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम गिर रहे थे तब 14 मार्च को पेट्रोल, डीजल दोनों पर उत्पाद शुल्क में तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी.
इसके बाद पांच मई को फिर से पेट्रोल पर रिकार्ड 10 रुपये और डीजल पर 13 रुपये उत्पाद शुल्क बढ़ाया गया. इससे सरकार को सालाना आधार पर दो लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा. इस दौरान तेल कंपनियों ने उत्पाद शुल्क वृद्धि का बोझ हालांकि, उपभोक्ताओं पर नहीं डाला बल्कि बढ़े उत्पाद शुल्क को अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट के साथ समायोजित कर दिया.
उल्लेखनीय है कि अप्रैल, मई के दौरान जब पूरी दुनिया में कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन चल रहा था, कच्चे तेल के दाम दो दशक के निम्न स्तर तक गिर गये थे. लेकिन जून की शुरुआत से आर्थिक गतिविधियां शुरू होने के बाद मांग बढ़ने से कच्चे तेल के दाम धीरे-धीरे बढ़ने लगे हैं. यही वजह है कि तेल कंपनियां भी उसी वृद्धि के अनुरूप दाम बढ़ा रही हैं.
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