अगस्त का दूसरा हफ्ता शुरू होते ही मौसम का मिजाज फिर बदलने वाला है. कहीं झमाझम बारिश होगी तो कहीं उमस और गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है. इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 से 19 अगस्त तक का एक्सटेंडेड रेंज फोरकास्ट जारी किया है.
मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो हफ्तों में देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं उत्तर-पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रह सकता है. हालांकि राहत की बात यह है कि इस दौरान देश के किसी भी हिस्से में हीटवेव चलने की आशंका नहीं है.
पहले हफ्ते में इन राज्यों में होगी अच्छी बारिश
IMD के मुताबिक 6 से 12 अगस्त के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाके, मध्य भारत, पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में व्यापक बारिश होगी. कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं भी चल सकती हैं. मौसम विभाग का कहना है कि हफ्ते की शुरुआत में देशभर में बारिश सामान्य रहेगी, लेकिन दूसरे हिस्से में बारिश सामान्य से कुछ कम रह सकती है.
दूसरे हफ्ते में फिर सक्रिय होगा मानसून
IMD के अनुसार 12 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में ऊपरी हवा में बनने वाला चक्रवाती सिस्टम बनने की संभावना है. इसके असर से 14 अगस्त के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है. इसके चलते 13 से 19 अगस्त के बीच हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, पश्चिम बंगाल-सिक्किम, ओडिशा, कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल में कई दिनों तक हल्की से मध्यम और कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है.
इन इलाकों में बढ़ेगा तापमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो हफ्तों में उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, उससे सटे पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रह सकता है. बाकी देश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहने का अनुमान है. IMD ने साफ किया है कि इस दौरान देश में कहीं भी हीटवेव या गर्म रात की संभावना नहीं है.
अब तक कैसा रहा मानसून?
IMD के मुताबिक 30 जुलाई से 5 अगस्त के बीच पूरे देश में सामान्य से 7 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई. हालांकि 1 जून से 5 अगस्त तक के पूरे मानसून सीजन पर नजर डालें तो देश में अब भी सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश हुई है. क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 12 फीसदी, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में 27 फीसदी तथा दक्षिण प्रायद्वीप में 18 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई है. वहीं मध्य भारत में सामान्य से 2 फीसदी अधिक बारिश हुई है.
एल नीनो पर भी IMD की नजर
IMD ने बताया कि फिलहाल प्रशांत महासागर में मॉडरेट एल नीनो की स्थिति बनी हुई है और मानसून के बाकी सीजन में इसके और मजबूत होने की संभावना है. IMD के मुताबिक फिलहाल हिंद महासागर में न्यूट्रल IOD की स्थिति बनी हुई है. हालांकि अंतरराष्ट्रीय मौसम मॉडलों के अनुसार सितंबर के दौरान पॉजिटिव IOD बनने के भी संकेत हैं.
