नई दिल्ली : बुद्ध पूर्णिमा यानि भगवान विष्णु का धरती पर भगवान बुद्ध रूप में अवतरण का दिन माना जाता है. बुद्ध पूर्णिमा का स्नान तीर्थ नगरी हरिद्वार में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आधी रात से ही शुरू हो गया. इसके साथ ही पूरे देश में यह त्योहार मनाया जा रहा है. इलाहाबाद में भी लोगों ने श्रद्धा की डुबकी लगाई है.
बोधगया में आज के दिन ही पीपल के पेड़ के नीचे भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ
आज ही के दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था. आज के दिन को ही महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में भी मनाया जाता है. एक मान्यता यह भी है कि बिहार के बोधगया में आज के दिन ही पीपल के पेड़ के नीचे भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था. इस मौके पर पटना में आयोजित कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हुए.
स्नान करने के लिए दूर दूर से श्रद्धालु धर्म नगरी हरिद्वार आये हैं
इस अवसर पर स्नान करने के लिए दूर दूर से श्रद्धालु धर्म नगरी हरिद्वार आये हैं. ऐसी मान्यता है कि बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने, गंगा की पूजा अर्चना करने से असीम पुण्य का लाभ मिलता है. बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर गंगा स्नान करने के लिए रात से ही श्रद्धालुओं का हरी की पौड़ी पहुंचना शुरू हो गया था.
भारी संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध
पूर्णिमा स्नान पर हरिद्वार आने वाली श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गए हैं. पूरे मेला क्षेत्र को 7 जोन और 18 सेक्टर में बांटकर पुलिसकर्मियों और ख़ुफ़िया तंत्र की तैनाती की गयी है. अधिकारियों के अनुसार पिछले स्नानों की तुलना में इस बार भीड़ अधिक है.