नई दिल्ली: #MeToo मूवमेंट पर केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी ने बड़ा बयान दिया है. मेनका गांधी ने कहा कि किसी भी तरह के सेक्सुअल ऑफेंस चाहे वह कितने भी साल (10 या 15 साल )पुराने क्यों न हो शिकायत दर्ज होना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैंने इस संबंध में कानून मंत्रालय को पत्र लिखा है कि वो इस तरह के प्रावधान करें जिससे पुराने मामले में भी आसानी से शिकायत दर्ज की जा सके. मेनका गांधी ने कहा कि समय बीत जाने से महिलाएं अपने साथ हुई दुर्व्यवहार को नहीं भूल जाती हैं इसलिए हमने कानून मंत्रालय को लिखा है कि कितने भी पुराने मामले क्यों न हो उसकी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए.
महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए सरकार ने उठाए कई कदम
केन्द्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा है कि वह बहुत खुश हैं कि देश में #MeToo मूवमेंट शुरू हुई है. उन्होंने इस पर खुशी जताते हुए यह भी कहा कि इसके सही दिशा में जाने की जरूरत है. ऐसा न हो कि इसका इस्तेमाल लोगों को टारगेट करने के लिए किया जाने लगे जिसने हमें कभी भी किसी भी तरह चोट पहुंचाई हो. मंत्री मेनका ने कहा कि महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं और #MeToo के भारत में स्टार्ट होने से वह बेहद खुश हैं.
मेनका गांधी यौन शोषण की घटनाओं पर बेहद सख्त विचार रखती हैं. उन्होंने इससे पहले भी कहा था किसी भी तरह के सेक्सुअल ऑफेंस को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने सबसे पहले सेक्सुअल हैरासमेंट इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स (SHe-Box) सेवा की शुरूआत की थी, जिसमें जो भी महिलाओं ने शोषण की बात बताई हमने उसके ऊपर कार्रवाई की. शी बॉक्स सरकार का एक प्रयास था जिसके द्वारा पीड़ित महिलाओं की मदद की जा सके.
महिलाएं "शी बॉक्स" के जरिए दर्ज करें शिकायत
उन्होंने कहा कि 'शी बॉक्स' के तहत जिसने भी शिकायत की चाहे वो संगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएं हो या असंगठित क्षेत्र की सबको इसके तहत कंप्लेन दर्ज कराने में मदद की गई. मेनका गांधी ने कहा कि कोई भी महिला चाहे वो कहीं भी काम करती हों 'शी बॉक्स' के जरिए कंप्लेन कर सकती हैं. इस शिकायत को सीधे संबंधित विभाग के पास भेजा जाता है और गलत करने वालों पर कार्रवाई होती है.
