पाकिस्तान अभी भी भारत के खिलाफ आतंकी साजिश को अंजाम देने की फिराक में रहता है. उसका आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद भारत में नेटवर्क फैलाने की कोशिश में था, लेकिन गुजरात एटीएस ने साजिश को नाकाम कर दिया. एटीएस ने शुक्रवार (3 जुलाई) को गुजरात और मध्य प्रदेश से आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया. ये देश में जैश के नेटवर्क को फैलाने का काम कर रहे थे.

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गुजरात और मध्य प्रदेश से गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अहमद अब्दुल्ला गाजीवाला, इब्राहिम मोहम्मद हुसैन घाघा, मुदस्सिर अब्दुल्ला गाजीवाला, जकारिया दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा, मुफ्ती फौजान इस्माइल दौवा, मोहम्मद अमीन शेरा, मोहम्मद अब्दुल रहमान सावदी और बिलाल दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा के रूप में की गई है.

जैश के लिए काम कर रहे थे आरोपी

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एटीएस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी कथित तौर पर संगठन की आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए गुजरात में एक सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद नेटवर्क स्थापित करने के लिए काम कर रहे थे. आरोपियों के खिलाफ यूएपीए के सेक्शन 13, 17, 18, 38 और 39 के तहत केस दर्ज किया गया है. इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता की धारा 148 और 61 को भी लगाया गया है.

भारत में अब तक छह बार अटैक करवा चुका है जैश

जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना साल 2000 में मसूद अजहर ने की थी. यह आतंकी संगठन भारत में अभी तक छह बाहर हमले करवा चुका है. जैश ने अप्रैल 2000 में सेना के हेडक्वार्टर पर आत्मघाती हमला करवाया था. 17 साल के आतंकी ने जम्मू कश्मीर में इस हमले को अंजाम दिया था. इसके बाद अक्तूबर 2001 में जम्मू कश्मीर विधानसभा पर हमला करवाया गया. इसके बाद पठानकोट एयरबेस पर जनवरी 2016 में हमला हुआ. उरी के सेना हेडक्वार्टर पर सितंबर 2016 में अटैक हुआ. पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर भी अटैक हुआ था.

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