नई दिल्लीः सरकार ने विवादित एफआरडीए (फाइनेंशियल रेसॉल्यूशन एंड डिपॉजिट इंश्योरेंस) बिल को वापस लेने का फैसला लिया है. कैबिनेट की बैठक में बिल को वापस लेने का फैसला लिया गया है.

इस बिल के प्रावधानों को लेकर पिछले साल खूब बवाल मचा था. कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने इस बिल को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए छोटे खाताधारकों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया था. आज कैबिनेट ने बिल को वापस लेने का फैसला किया है. कैबिनेट के फैसले के बाद अब सरकार औपचारिक तौर पर संसद में इस बिल को वापस लेगी. हालांकि सरकार ने इस मसले पर ज़्यादा कुछ नहीं कहा है.

सबसे ज़्यादा विवाद बिल के उस प्रावधान पर था जिसके मुताबिक किसी बैंक के दिवालिया होने की हालत में उस बैंक के खाताधारको को केवल एक सीमा तक ही पैसा मिल पाता चाहे उनके खाते में पैसा चाहे जितना भी हो.

विवाद और विरोध के बाद बिल को समीक्षा में लिए संसद की एक संयुक्त कमिटी के पास भेज दिया गया जहां इसकी समीक्षा की जा रही है. वैसे विरोध को देखते हुए सरकार ने पहले ही इस बिल को ठंडे बस्ते में भेजे जाने का संकेत दे दिया था.