ई20 फ्यूल को लेकर इन दिनों खूब बहस चल रही है. लोगों का कहना है कि इसकी वजह से पुरानी वाहनों पर काफी असर पड़ रहा है. इसी बीच कहा जा रहा था कि सरकार एविएशन टर्बाइन फ्यूल में भी एथेनॉल मिला सकती है. सरकार ने साफ किया है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल - ATF  में एथेनॉल मिलाने की कोई योजना नहीं  ! ऐसी खबरें पूरी तरह गलत और गैर-जिम्मेदाराना है.सरकार के मुताबिक एथेनॉल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल - SAF अलग-अलग चीजें हैं.  दोनों को एक जैसा बताना गलत है.

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SAF एक ऐसा विमान ईंधन है जिसे अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन -ICAO ने मान्यता दी है!  इसका इस्तेमाल दुनिया के कई देशों में हो रहा है और इसे सुरक्षा के कड़े अंतरराष्ट्रीय मानकों पर परखा जाता है.  सरकार ने कहा कि विमान सुरक्षा को लेकर गलत जानकारी फैलाने से यात्रियों में बेवजह डर पैदा होता है.

क्यों उठे सवाल

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दरअसल सरकार अब विमानों में प्रदूषण कम करने के लिए Sustainable Aviation Fuel-  SAF को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है. इसके लिए SAF के उत्पादन और इस्तेमाल को बढ़ाने पर काम किया जा रहा है.  सरकार का फोकस SAF जैसे पर्यावरण के लिए बेहतर विमान ईंधन को अपनाने पर है! SAF को सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक इस्तेमाल किया जाता है.

अरविंद केजरीवाल ने उठाए सवाल

अरविंद केजरीवाल ने भी ई20 को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा- 'मोदी सरकार का क्या प्लान है? पता चल रहा है कि पेट्रोल में 50% से ज्यादा की मिलावट करेंगे. अभी बस माहौल शांत होने का इंतजार कर रहे हैं. पहले आपकी E0 और E10 गाड़ियों में जबरदस्ती E20 पेट्रोल डालकर कबाड़ा किया. आज अगर आप E20 नई गाड़ी खरीदते हैं तो सरकार कुछ दिन बाद उसमे जबरदस्ती E50 पेट्रोल डालकर उसका कबाड़ा कर देगी.  सरकार जल्द ही डीजल में भी मिलावट करने वाली है. इसलिए अभी कुछ साल. आप पेट्रोल और डीजल की नई गाड़ियां खरीदने से बचें.'

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