भारत में जर्मनी के नए राजदूत नियुक्त हुए डॉ. जैस्पर वीक ने कहा है कि जर्मनी में हाल ही में हुए चुनावों का भारत और जर्मनी के आपसी संबंधों का कोई असर नहीं पड़ेगा. उनका कहना है कि "भारत-जर्मनी दोस्ती की नींव गहरी और मजबूत है. तेज़ी से बदलती दुनिया में भारत और जर्मनी भरोसेमंद और विश्वसनीय साझेदार हैं. मैं हमारी रणनीतिक साझेदारी को व्यापक और गहरा बनाने तथा हमारी दोस्ती के रिश्तों को और मजबूत करने के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में काम करना चाहता हूं."

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नए राजदूत के तौर पर होंगी 3 प्राथमिकताएं

उन्होंने कहा कि नए राजदूत के तौर पर मेरी 3 प्राथमिकताएं  होंगी-

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1. FTA के माध्यम से व्यापार और निवेश बढ़ाना लक्ष्य है. अगले 5 साल में हमारा ट्रेड डबल हो सकता है. कंपनियों को एक साथ लाना भी मेरी प्राथमिकता है. ग्रीन सस्टेनेबल एग्रीमेंट, ग्रीन एनर्जी, AI एग्रीमेंट पर भी काम करना हमारा उद्देश्य होगा.

2. ⁠लेबर माइग्रेशन दूसरी प्राथमिकता है. लोगों से लोगों के संबंधों को मजबूत करना है. भारतीय विद्यार्थी जर्मनी के विश्वविद्यालयों में कैसे और पढ़ने जाएं, यह प्राथमिकता होगी. लेबर माइग्रेशन के मुद्दे पर मेरा मिशन होगा कि हम भारतीय स्किल्ड वर्क फोर्स को जर्मनी में स्वागत कर खुश होंगे. 

3. डिफेंस और सिक्योरिटी पार्टनरशिप में पिछले कई सालों में दोनों देशों के बीच यह काफ़ी बढ़ा है.

इसके साथ ही वीक का मानना है कि भारत और जर्मनी के बीच डिफेंस और सिक्योरिटी क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं.

भारतीयों को वीजा मिलने में होगी तेजी

डॉ. वीक का कहना है कि वर्तमान समय में 60 हजार स्किल्ड भारतीय लेबर और इनके परिवार के लोगों को जर्मन वीजा मिला है.  हम 80 हजार के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं. जर्मनी में वीजा टाइम पहले से काफ़ी कम हुआ है, वीजा आवेदन पर और तेज़ी से काम होगा. वीजा प्रोसेस का और डिजिटलीकरण किया जा रहा है. 

पीएम मोदी यूक्रेन में शांति में भूमिका निभा सकते हैं

यह प्रश्न करने पर कि क्या पीएम मोदी यूक्रेन में शांति में भूमिका निभा सकते हैं? इस पर जर्मन राजदूत ने कहा कि "भारत यूक्रेन में शांति में रोल अदा कर सकता है. पीएम मोदी कह चुके हैं कि यह युग युद्ध का नहीं है" साथ ही उनका मानना है कि दुनिया अनिश्चितता के दौर में चल रही है, ऐसे वैश्विक माहौल में भारत और जर्मनी के संबंध दोनों ही देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं.

डॉ. जैस्पर वीक ने सबमरीन डील पर कहा कि जर्मन साइड की तरफ से तैयारी पूरी है. जर्मनी ने 60 हजार भारतीयों को लॉंग टर्म वीजा जारी किया है. इसमें पेशेवर लेबर, उनके परिवार के लोग और स्टूडेंट्स भी शामिल हैं.