Gallantry Awards 2021: राष्ट्रपति भवन में आज रक्षा अलंकरण समारोह में वीर सैनिकों को वीरता मेडल से नवाजा गया. आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गलवान घाटी की हिंसा में वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों को वीरता मेडल से नवाजा. इस दौरान लद्दाख में गलवान घाटी में ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के दौरान जान गंवाने वाले कर्नल संतोष बाबू को मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनकी मां और पत्नी को पुरस्कार दिया.
कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर एक आतंकवादी को मारने और दो अन्य को घायल करने के लिए 4 पैरा स्पेशल फोर्स के सूबेदार संजीव कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से उनकी पत्नी को यह पुरस्कार मिला.
हवलदार के. पलानी को ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के अंतर्गत पिछले साल जून में गलवान घाटी में चीनी सेना द्वारा किए गए शातिर हमले के खिलाफ उनकी वीरतापूर्ण कार्रवाई के लिए मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनकी पत्नी को पुरस्कार दिया.
बता दें कि महावीर चक्र भारत का दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है. उनके साथ गलवान घाटी में ऑपरेशन स्नो-लैपर्ड के दौरान चीनी सेना के साथ हुई हिंसक झड़प में वीरगति को प्राप्त हुए पांच अन्य सैनिकों को वीर चक्र दिया गया. सोमवार को हुए अलंकरण समारोह में विंग कमांडर (अब ग्रुप कैप्टन) अभिनंदन सहित अन्य वीर सैनिकों को बहादुरी मेडल से सम्मानित किया गया था.
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कू किया है. उन्होंने कहा, ''मां भारती की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर बलिदानी कर्नल संतोष बाबू को आज महामहिम राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद जी द्वारा मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया. उनके शौर्य, साहस, और वीरता की कहानी देश के इतिहास में सदैव स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगी.''
5 जवानों को ‘वीर चक्र’
- नायब सूबेदार नूदूराम सोरेन (16 बिहार)
- हवलदार के. पिलानी (81 फील्ड रेजीमेंट)
- नायक दीपक कुमार ( आर्मी मेडिकल कोर-16 बिहार)
- सिपाही गुरतेज सिंह (3 पंजाब)
- हवलदार तेजेंद्र सिंह (3 मीडियम रेजीमेंट)
